अचानक बिगड़ी तबीयत और चली गई जान, प्रतीक यादव की मौत पर बड़ा खुलासा

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के निधन के बाद उनकी मौत की वजह को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। शुरुआती जांच में कोई संदिग्ध बात सामने नहीं आई है, लेकिन अब फेफड़ों में क्लॉट यानी ‘लंग क्लॉट’ को मौत की संभावित वजह माना जा रहा है।

New Update on Prateek Yadav's sudden demise | Image Source: Rediff-TV
New Update on Prateek Yadav's sudden demise | Image Source: Rediff-TV

नई दिल्ली: प्रतीक यादव के अचानक निधन से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर है। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक उनकी तबीयत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही थी। हाल ही में उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां फेफड़ों में क्लॉट की जांच और इलाज किया गया। इसके अलावा गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भी उनका उपचार हुआ था।

जानकारी के अनुसार, मौत के बाद जब उनका शव अस्पताल पहुंचा तो नाखूनों का रंग नीला पड़ा हुआ था। इसके बाद जहर जैसी आशंकाएं भी उठीं, लेकिन पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट में किसी तरह की संदिग्ध चीज सामने नहीं आई। अब डॉक्टरों का मानना है कि ऑक्सीजन की कमी और फेफड़ों में क्लॉट बनने की वजह से यह स्थिति हो सकती है।

फेफड़ों में क्लॉट बनने की बीमारी को मेडिकल भाषा में काफी गंभीर माना जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, यह बीमारी अचानक जानलेवा रूप ले सकती है। कई बार शरीर के दूसरे हिस्सों में बना क्लॉट खून के जरिए फेफड़ों तक पहुंच जाता है और सांस लेने में दिक्कत पैदा करता है। अगर समय पर इलाज न मिले तो मरीज की हालत तेजी से बिगड़ सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने, क्लॉटिंग डिसऑर्डर या कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण यह बीमारी हो सकती है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि प्रतीक यादव की मौत की असली वजह यही थी या नहीं। डॉक्टरों और जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।

प्रतीक यादव राजनीति में ज्यादा सक्रिय नहीं थे, लेकिन सामाजिक और कारोबारी दुनिया में उनकी पहचान थी। उनके निधन के बाद परिवार और समर्थकों में गहरा दुख है।