जहाज के अंदर पुलिस पहुंची, अभिजीत दीपके बोले- ‘गिरफ्तार करने आए हैं तो करिए’

जंतर-मंतर 2.0 से पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर हाई-वोल्टेज ड्रामा; एयर इंडिया की फ्लाइट में घुसकर सीजेपी के तीन नेताओं को हिरासत में लिया गया, सहयात्रियों ने मोबाइल में कैद किए पूरे दृश्य

एम. रियाज़ हाशमी। नई दिल्ली
दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर इंडिया की एक फ्लाइट अभी रनवे से हटकर अपने पार्किंग बे तक पहुंची ही थी कि यात्रियों को कुछ असामान्य दिखाई दिया। विमान का दरवाजा खुलने के बाद सामान्य तरीके से यात्री उतरने की तैयारी कर रहे थे। तभी दिल्ली पुलिस की एक टीम विमान के भीतर दाखिल हुई। पुलिसकर्मियों को सीधे उन यात्रियों की ओर बढ़ते देखा गया, जिनमें कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका शामिल थे।

कुछ ही देर में विमान का माहौल बदल गया। यात्रियों के बीच से मोबाइल फोन निकल आए और विमान के भीतर की पूरी कार्रवाई कैमरों में कैद होने लगी। अभिजीत दीपके पुलिसकर्मियों से बहस करते दिखाई दिए। उन्होंने बार-बार कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आई है तो गिरफ्तार करे। उनका कहना था कि वे गिरफ्तारी से डरते नहीं हैं और “गिरफ्तार होने आए हैं।”

यह असामान्य घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ये तीनों नेता दिल्ली में प्रस्तावित ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मुंबई से आए थे। प्रदर्शन का आह्वान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के विरोध में किया गया है।

विमान में दाखिल पुलिस कैमरों में कैद हुई

प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों द्वारा बनाए गए वीडियो में दिल्ली पुलिस के जवानों को विमान के भीतर पहुंचते देखा जा सकता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुलिस टीम में बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। दीपके ने पुलिसकर्मियों से सवाल-जवाब किए और कार्रवाई का विरोध किया। दीपके का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे उन्होंने विमान से बाहर निकलने से पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इसमें वह दावा करते सुनाई दे रहे हैं कि दिल्ली पुलिस विमान के भीतर पहुंच गई है और उन्हें तथा उनके साथियों को गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए दिल्ली आए हैं और उन्हें विमान के भीतर से ही हिरासत में लिया जा रहा है। दीपके ने इस कार्रवाई की तुलना आपातकाल के दौर से करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।

‘हम गिरफ्तारी देने आए हैं, डरते नहीं हैं’

वायरल वीडियो में दीपके पुलिस अधिकारियों से कहते सुनाई देते हैं कि अगर उन्हें गिरफ्तार करना है तो कर लिया जाए। उन्होंने बार-बार कहा कि वे गिरफ्तारी देने आए हैं और पुलिस से डरते नहीं हैं। उनका आरोप था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोकने के लिए पुलिस उन्हें विमान से ही उठा रही है। दीपके ने यह भी दावा किया कि यह कार्रवाई सरकार के डर को दिखाती है। दिल्ली पुलिस की ओर से कार्रवाई का आधार कानून-व्यवस्था और प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताओं से जुड़ा बताया गया है।

तीनों नेताओं को विमान से ही हिरासत में लिया

विमान में पुलिस के पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया गया। इस कार्रवाई का सबसे अहम पहलू यह है कि तीनों नेता जंतर-मंतर तक पहुंच ही नहीं पाए। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के आमने-सामने आने से पहले ही आंदोलन के शीर्ष नेतृत्व को दिल्ली एयरपोर्ट पर रोक दिया गया। सीजेपी ने इस कार्रवाई को सुनियोजित बताते हुए आरोप लगाया कि उसके नेताओं को जानबूझकर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोका गया है। पार्टी ने कहा कि इससे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नेतृत्व को कमजोर करने की कोशिश की गई है। पार्टी ने इसे आवाजाही की स्वतंत्रता का उल्लंघन भी बताया है।

सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह भी हिरासत में?

इसी बीच सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह का एक वीडियो सामने आया है। इसमें उन्होंने दावा किया कि पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की। सिंह के मुताबिक, जब उन्होंने पुलिस अधिकारियों से हिरासत का आधिकारिक आदेश दिखाने को कहा तो उन्हें कोई लिखित आदेश नहीं दिखाया गया। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें “ऊपर से आदेश” मिला है। सिंह का दावा है कि जब उन्होंने अपनी कार से बाहर निकलने से इनकार किया तो पुलिसकर्मी उन्हें वहीं हिरासत में लेने की बात कहने लगे और उन्हें वहां से जाने नहीं दिया गया। यह रत्ना सिंह का दावा है। इस दावे पर दिल्ली पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

गुरुग्राम से ध्रुव राठी भी हिरासत में लिए गए

जंतर-मंतर 2.0 प्रदर्शन से जुड़े चर्चित नामों में शामिल यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिए जाने का सीजेपी ने दावा किया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार उन युवाओं को निशाना बना रही है जो उसके कामकाज पर सवाल उठाते हैं। हालांकि, ध्रुव राठी की हिरासत के मामले में भी पुलिस की ओर से कार्रवाई के कानूनी आधार और उनकी मौजूदा स्थिति की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

दिल्ली में अभी 500 लोग हिरासत में: पुलिस

उधर, दिल्ली पुलिस ने बताया है कि प्रदर्शन से पहले अलग-अलग स्थानों से आने वाले समूहों में शामिल करीब 500 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, इसके अलावा करीब 50 ऐसे लोगों को भी पकड़ा गया है, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, ताकि वे माहौल खराब न कर सकें या किसी तरह की गड़बड़ी न भड़काएं। पुलिस ने नई दिल्ली जिले को 20 ऑपरेशनल जोन में बांटा है। प्रत्येक जोन के लिए अलग हिरासत केंद्र बनाए जाने की जानकारी भी पुलिस ने दी है। जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास पहले से ही व्यापक बैरिकेडिंग की गई है।

जंतर-मंतर तक पहुंचने से पहले ही रोका जा रहा प्रदर्शन

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था केवल जंतर-मंतर तक सीमित नहीं है। राजधानी में प्रवेश करने वाले प्रमुख रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई है। प्रदर्शनकारियों के छोटे-छोटे समूहों को अलग-अलग स्थानों पर रोकने की कार्रवाई की जा रही है। जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी साफ दिखाई दे रही है। कई स्तर की बैरिकेडिंग के बीच पुलिस प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक रही है। प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए अब रास्ता केवल सड़क का सवाल नहीं रह गया है। दिल्ली पहुंचने से लेकर मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलने और जंतर-मंतर तक पहुंचने तक हर स्तर पर पुलिस की जांच का सामना करना पड़ रहा है।

46 मेट्रो स्टेशन बंद, दिल्ली में सुरक्षा घेरा

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के 46 स्टेशनों के प्रवेश और निकास बंद किए जाने की जानकारी सामने आई है। राजधानी के कई प्रमुख हिस्सों में यातायात को नियंत्रित और डायवर्ट किया जा रहा है। दिल्ली में प्रवेश करने वाले रास्तों पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस का कहना है कि इन इंतजामों का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकना है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को 20 जुलाई को हुए प्रदर्शनों की पुनरावृत्ति रोकने की तैयारी से भी जोड़ा है।

अब सबकी नजरें सिर्फ जंतर-मंतर पर

एयर इंडिया की फ्लाइट के भीतर हुई कार्रवाई ने ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन को शुरू होने से पहले ही राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है। एक तरफ सीजेपी के शीर्ष नेता विमान से उतरते ही हिरासत में ले लिए गए हैं। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि करीब 500 लोगों को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल जंतर-मंतर को लेकर है- क्या इतने व्यापक सुरक्षा घेरे के बावजूद प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर एकत्र हो पाएंगे? और अगर वे पहुंचते हैं तो क्या पुलिस उन्हें प्रदर्शन की अनुमति देगी या उन्हें निर्धारित स्थल तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया जाएगा? फिलहाल दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर संसद मार्ग और जंतर-मंतर तक पूरा घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। ‘जंतर-मंतर 2.0’ का असली दृश्य अब इसी बात से तय होगा कि प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरे को पार कर प्रदर्शन स्थल तक कितनी संख्या में पहुंच पाते हैं।