केंद्र ने बदले 17 साल पुराने नियम :  नाबालिगों के ‘दोहरे पासपोर्ट’ पर पूर्ण प्रतिबंध

नागरिकता नियम 2026 अधिसूचित: अब कोई भी नाबालिग एक ही समय में भारतीय और विदेशी, दोनों Passport धारण नहीं कर सकेगा। इस कदम का स्पष्ट उद्देश्य नागरिकता से जुड़ी कानूनी अस्पष्टताओं और संभावित विवादों को जड़ से मिटाना है। सरकार ने साफ कर दिया है कि यदि किसी बच्चे के पास विदेशी पासपोर्ट है, तो उसे भारतीय पासपोर्ट तत्काल त्यागना होगा...

डिजिटल इंडिया की नई धमक: OCI आवेदन अब पूरी तरह ऑनलाइन, नियम हुए सख्त, अब कागज नहीं, 'ई-ओसीआई' से पहचानेंगे प्रवासी भारतीय...Pic Credit :NBT
डिजिटल इंडिया की नई धमक: OCI आवेदन अब पूरी तरह ऑनलाइन, नियम हुए सख्त, अब कागज नहीं, 'ई-ओसीआई' से पहचानेंगे प्रवासी भारतीय...Pic Credit :NBT

तहलका ब्यूरो।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दशकों पुरानी प्रशासनिक जटिलताओं को खत्म करते हुए ‘नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026’ को अधिसूचित कर दिया है। गृह मंत्रालय द्वारा 30 अप्रैल को जारी यह अधिसूचना न केवल 2009 के पुराने नियमों को प्रतिस्थापित करती है, बल्कि भारत की नागरिकता प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाती है। इस बदलाव का सबसे प्रहारक हिस्सा नाबालिगों के लिए लागू किया गया नया सख्त प्रावधान है। अब कोई भी नाबालिग एक ही समय में भारतीय और विदेशी, दोनों Passport धारण नहीं कर सकेगा। इस कदम का स्पष्ट उद्देश्य नागरिकता से जुड़ी कानूनी अस्पष्टताओं और संभावित विवादों को जड़ से मिटाना है। सरकार ने साफ कर दिया है कि यदि किसी बच्चे के पास विदेशी पासपोर्ट है, तो उसे भारतीय पासपोर्ट तत्काल त्यागना होगा।

नियमों का दूसरा महत्वपूर्ण स्तंभ ‘Digital Transition’ है। ओसीआई (OCI) आवेदन की पूरी प्रक्रिया को अब अनिवार्य रूप से ऑनलाइन कर दिया गया है। ‘ई-ओसीआई’ (e-OCI) के विकल्प ने प्रवासी भारतीयों के लिए भौतिक दस्तावेजों की भागदौड़ को न्यूनतम कर दिया है। यह नई व्यवस्था पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ दस्तावेजों के सत्यापन की गति को भी कई गुना बढ़ा देगी। 

विश्लेषणात्मक दृष्टि से देखें तो यह संशोधन केवल एक प्रक्रियात्मक बदलाव नहीं, बल्कि National Security  और Data Management की दिशा में एक सोची-समझी रणनीतिक छलांग है। जहाँ एक ओर Online प्रणाली से बिचौलियों और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी, वहीं नाबालिगों के पासपोर्ट संबंधी नियमों में सख्ती से दोहरी नागरिकता के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी। 17 साल बाद हुआ यह Updation दर्शाता है कि भारत अब अपनी नागरिकता और प्रवासियों से जुड़े Database को अधिक चुस्त-दुरुस्त और विवादमुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बदलाव एक ऐसे आधुनिक भारत की रूपरेखा है जहाँ तकनीक और कानून मिलकर एक पारदर्शी नागरिक तंत्र का निर्माण कर रहे हैं।