जेटगेट पड़ताल: जिन्हें जेट ने दिए फायदे

रॉबटट वाड्रा |  व्यवसायी
रॉबटट वाड्रा | व्यवसायी
रॉबर्ट वाड्रा और उनके सहयोगी मनोज अरोड़ा ने कम से कम आठ बार इकोनॉमी दर्जे की टिकट को प्रथम श्रेणी के टिकट में अपग्रेड करवा कर विदेश यात्रा की. वाड्रा ने अपनी मां के साथ लंदन और मिलान की यात्रा भी अपग्रेड किए हुए टिकटों पर की. उन्हें हर यात्रा के दौरान एमएएएस की सुविधा भी दी गई.अपग्रेड करने में हुए नुकसान की कीमत एक करोड़ रुपए

जेनिफर डीसिल्वा (नरेश गोयल की मुख्य कार्यकारी सहायक) द्वारा विनोद सरीन (वाइस प्रेसीडेंट कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन) को भेजा गया एक मेल इस मामले से पर्दा हटा देता है

proof_screeshot

जेनिफर डीसिल्वा का मेल

‘विनोद जी, आप तीनों के साथ काम करना बेहद कठिन है. राज से जो बात मुझे पता चली उसके मुताबिक शिवनंदन ने प्रथम श्रणी अपग्रेड के लिए आवेदन भेजा था और उसे खुद ही कर भी दिया. वे (वाड्रा) हमारे मामलों में बाहरी लोगों को क्यों शामिल करते हैं?’

विनोद सरीन का मेल

‘अतीत में भी उन्होंने इकोनॉमी क्लास में टिकट बुक करके उसे प्रथम श्रेणी में अपग्रेड करवाया है.’


केएन श्रीवास्तव | पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव
केएन श्रीवास्तव | पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव
2012 से 2014 के बीच केएन श्रीवास्तव और उनके परिजनों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की लगभग 50 मुफ्त टिकटें जेट एयरवेज ने मुहैया करवाई. एक आंतरिक मेल कहता है, ‘वे अतिविशिष्ट व्यक्ति हैं. उन्हें जो भी चाहिए वह उपलब्ध करवाएं और जो भी उनके साथ हो उसका ध्यान रखें.’ श्रीवास्तव ने अपने कई रिश्तेदारों, दोस्तों और सहयोगियों को मुफ्त का टिकट पाने में सहायता की. उन सभी टिकटों की वास्तविक कीमत करीब 5 से 6 करोड़ रुपए है

वीपी अग्रवाल | पूर्व अध्यक्ष, एएआई
वीपी अग्रवाल | पूर्व अध्यक्ष, एएआई
वर्ष 2012 से 2013 के बीच जेट एयरवेज ने अग्रवाल और उनके परिजनों को 10 अंतरराष्ट्रीय और ढेर सारे घरेलू टिकट नि:शुल्क उपलब्ध करवाए. उनको दिए गए टिकटों का वास्तविक मूल्य 3 से 4 करोड़ रुपए है

आलोक सिन्हा  | पूर्व अध्यक्ष, एएआई
आलोक सिन्हा | पूर्व अध्यक्ष, एएआई
आलोक सिन्हा और उनकी पत्नी प्रीति सिन्हा ने केएन श्रीवास्तव की संस्तुति नई दिल्ली से नेवार्क आने जाने की यात्रा जेट एयरवेज से की. इस यात्रा के लिए उन्होंने 7,440 रुपए बतौर किराया चुकाया जबकि इस यात्रा के टिकटों का वास्तविक मूल्य 15 लाख रुपए था

ललित गुप्ता | संयुक्त निदेशक डीजीसीए
ललित गुप्ता | संयुक्त निदेशक डीजीसीए
वर्ष 2012 में ललित गुप्ता को 20 लाख रुपए
की अंतरराष्ट्रीय टिकटें नि:शुल्क मुहैया करवाई गईं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here