Police Archives | Tehelka Hindi — Tehelka Hindi

Post Tagged with: "Police"

पुलिस तंत्र में आपको पता नहीं चलता कि कब आप मनुष्य से पशु बन गए : वीएन राय

आपकी किताब  ‘हाशिमपुरा 22 मई’  को लेकर कई तरह के विवाद उठ खड़े हुए. पहली बार हाशिमपुरा हत्याकांड के संदर्भ में भारतीय सेना के आचरण पर भी उंगलियां उठाई गई हैं. आपने इस घटना को भारतीय राज्य की विफलता के रूप में देखा है. क्या इस निंदनीय घटना पर कुछ  

शायद वो पुलिसवाला पैसे के लालच में भूल चुका था कि समाज में उसकी भूमिका और जिम्मेदारी क्या है…

बीते जून महीने में रामपुर अपने घर जाने का प्रोग्राम बना था. मैंने पुरानी दिल्ली से रामपुर के लिए रानीखेत एक्सप्रेस में रिजर्वेशन करवाया था. ट्रेन के आने का समय रात में तकरीबन 9:30 बजे था और डिपार्चर 10:30 बजे. जब मैं स्टेशन पहुंचा तो 10 बज रहे थे. स्टेशन  

फांसी का समाजशास्त्र

आम कहावत है कि कानून सिर्फ गरीबों के लिए होता है. दिल्ली स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की हालिया रिपोर्ट इस मामूली कहावत की तस्दीक करती है जिसमें कहा गया है कि मौत की सजा पाने वाले तीन चौथाई लोग वंचित, सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े और धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय से आते  

#गुंडागर्दी ऑनलाइन

जिस वक्त हम यह योजना बना रहे थे कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों के बारे में जनता को बताया जाए, तभी सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ गई कि अभिनेता दिलीप कुमार की मौत हो गई है. कुछ देर बाद पता चला कि वे लीलावती अस्पताल में सकुशल हैं  

असु​रक्षित पत्रकार, राष्ट्रपति से गुहार

कौन छत्तीसगढ़ के पत्रकार कब 10 मई, 2016 कहां जंतर मंतर, दिल्ली क्यों छत्तीसगढ़ में चार पत्रकारों को जेल, कई पत्रकारों पर मुकदमा और कई को खबर लिखने पर मिलने वाली धमकियों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं. नक्सलियों और सरकार की दोहरी मार झेल रहे पत्रकार 10 मई को  

फर्ज का एनकाउंटर

12 जुलाई, 1991 को तत्कालीन उत्तर प्रदेश स्थित नानकमत्था गुरुद्वारे (अब उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में) से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र स्थित सिख धर्मस्थलों के दर्शन के लिए चली तीर्थयात्रियों से भरी एक बस अपनी यात्रा पूरी करके वापस लौट रही थी. बस में उस समय 25 लोग  

क्या घाटी में आईएस के झंडे लहराना आतंक की नई आहट है?

20 साल का अंडरग्रैजुएट छात्र शबीर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का झंडा नहीं फहराता पर वह मास्क पहने हुए उस समूह का हिस्सा है जिसने श्रीनगर की बड़ी मस्जिद के बाहर सुरक्षा बलों पर पत्थर बरसाए थे. वह सड़क के दूसरी ओर खड़े आईएस के झंडे लहराने वाले युवकों  

‘नक्सलवाद की लड़ाई खत्म हुई तो पैसे आने बंद हो जाएंगे, फिर नेता का जेब कैसे भरेगा?’

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म करने की लड़ाई की पहली कीमत जनता चुका रही है. नक्सलियों के साथ पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लंबे संघर्ष के बीच जनता का भी अपना संघर्ष है, जिसे सबसे कम महत्व मिलता है. जो लोग इसे कहने की कोशिश करते हैं, उन पर न सिर्फ