अंक 17 Archives | Tehelka Hindi — Tehelka Hindi

Post Tagged with: "अंक 17"

Uncategorized

सबको दशरथ की कहानी अविश्वसनीय क्यों लग रही थी जबकि 60 के दशक में पहाड़ काटने का काम शुरू कर 22 सालों की अथक मेहनत से दशरथ मांझी पहाड़ काटकर रास्ता बना चुके थे. दशरथ को जीते-जी उनके काम के लिए वह सम्मान कहां मिला!  मृत्यु के कुछ साल पूर्व  

‘मैं खुद को क्रिएटिव बनाए रखने के लिए काम करता हूं, मुंबई के लिए नहीं’

 आप विज्ञान के विद्यार्थी रहे हैं, ऐसे में लेखन की प्रेरणा कहां से मिली? हम लोग मूल रूप से बिहार के ‘बाढ़’ कस्बे के रहने वाले हैं. वहीं पढ़ाई-लिखाई हुई. मेरे पिताजी राजकमल चौधरी (प्रसिद्ध मैथिल और हिंदी लेखक) के पिता के साथ शिक्षक थे. बिहार के एक उपन्यासकार अनूप