एलबमः किक | Tehelka Hindi

संगीत समीक्षा, समाज और संस्कृति, समीक्षा, सिनेमा A- A+

एलबमः किक

शुभम उपाध्याय 2014-07-31 , Issue 14 Volume 6
kick-movie-download-dvdrip

एलबमः किक
गीतकार » कुमार, शब्बीर अहमद, मयूर पुरी
संगीतकार » हिमेश रेशमिया, हनी सिंह

चूंकि हम किक के गीतों को छोड़ कई तरह की बेजा बातें करेंगे, इसलिए यह जानना जरूरी है कि हम चार के चौदह किए गीतों की बात क्यों नहीं करेंगे. जब सलमान ने अपना पहला गाना गाया, ‘चांदी की डाल पर सोने का मोर’, यार-रकीबों ने कहा था, ‘भाई ने पिंक पैंट पहन क्या भन्नाट गाया है भाई मियां’. उन दिनों के बाद ही जाना कि भाई के गानों के बारे में गंभीरता से सोचने-लिखने से बेहतर है दोजख में बैठ चांदी की डाल सुनना. वक्त के साथ यह भी समझे कि जिन गानों में वे थे, और गाने अच्छे थे, वे सलमान के नहीं, लेखक/ संगीतकार/ गायक के गाने थे.

चांदी की डाल के वक्त की बात और थी. तब संगीत के सॉफ्टवेयर काफी हार्ड हुआ करते थे. आज के संगीत सॉफ्टवेयर की कोडिंग बेहद नफीस है.‘ऑटो ट्यून’ ऑटो की किरकिरी आवाज भी मधुर बना सकता है. इसलिए सलमान की असल आवाज को महसूस कर खड़े रोंगटों को दो-चार मील चलाना चाहते हैं तो चांदी की डाल अवश्य सुनें. किक के सलमान-गीतों में वैसी किक कहां!

Pages: 1 2 Single Page

(Published in Tehelkahindi Magazine, Volume 6 Issue 14, Dated 31 July 2014)

1 Comment