‘हमने चुनाव में जनता से किए गए हर वादे को पूरा किया है’ | Tehelka Hindi

आवरण कथा A- A+

‘हमने चुनाव में जनता से किए गए हर वादे को पूरा किया है’

15 मार्च 2012 को अखिलेश यादव सबसे युवा मुख्यमंत्री के तौर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे. उनके दल समाजवादी पार्टी ने 403 सदस्यों वाली विधानसभा में 224 सीटें हासिल की थी. तहलका के प्रबंध संपादक मैथ्यू सैमुअल को दिए गए एक साक्षात्कार में उन्होंने तीन साल के अपने कार्यकाल को बेहद संतोषजनक और सफल बताया.

मैेथ्यू सैम्युएल April 13, 2015, Issue 7 Volume 7

Akhilesh-Yadav-34

आपकी सरकार ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में तीन साल पूरे किए हैं. अपने प्रदर्शन को आप 10 में से कितने नंबर देंगे?

सरकार का प्रदर्शन 10 में से 10 अंकों वाला रहा है. लेकिन मुझे लगता है कि हममें सुधार की गुंजाइश है. 2012 में सत्ता में आने के बाद मेरी सरकार ने राज्य के समेकित विकास के लिए एक योजना बनाई थी, जिसका फायदा समाज के सभी तबकों को मिला. लंबे समय से विकास की पटरी से उतरे हुए राज्य को हमने विकास के पथ पर लाने के लिए प्रयास किया है. हमारी पूर्ववर्ती सरकार के समय शासन प्रणाली पूरी तरह से ध्वस्त हो गई थी. स्वास्थ्य सुविधाएं बुरी दशा में थीं, राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों में बिजली का घनघोर संकट था. पिछली सरकार ने इन क्षेत्रों में किसी तरह के विकास या सुधार का कोई प्रयास ही नहीं किया. सपा सरकार ने किसानों, मजदूरों, पिछड़ों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों, छात्रों, छोटे व्यापारियों और ग्रामीणों पर अपना ध्यान केंद्रित किया है. शिक्षा पर खास ध्यान रखते हुए लड़कियों की पढ़ाई को प्रोत्साहन दिया है. इस संबंध में किए गए हमारे दावों को आंकड़ों के जरिए समझा जा सकता है. सपा सरकार के पहले वर्ष यानी 2012-13 में देश की विकास दर 4.5 प्रतिशत की तुलना में राज्य ने 5.8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की. इसी तरह 2013-14 में देश की 4.7 प्रतिशत की तुलना में उत्तर प्रदेश की विकास दर पांच फीसदी थी. 2014-15 की पहली दो तिमाहियों में उत्तर प्रदेश की विकास दर 6.3 प्रतिशत और 5.4 प्रतिशत रही, जबकि इसी दौरान देश की विकास दर 5.7 और 5.3 फीसदी रही. 2014-15 में उत्तर प्रदेश की विकास दर 6 फीसदी के आसपास रहने की उम्मीद है. इस साल फरवरी में एसोचेम की ओर से जारी बुकलेट ‘उत्तर प्रदेश इंचिंग टूवर्ड्स डबल डिजिट ग्रोथ’ के अनुसार 2012-13 और 2013-14 में प्रदेश की विकास दर देश की तुलना में बेहतर थी.

सूबे की कानून व्यवस्था हमेशा से ही चिंता का विषय रही है. आपके सत्ता संभालने के बाद भी यहां दंगे और दुर्घटनाएं देखने को मिलीं. ऐसा क्यों हुआ? कानून व्यवस्था में सुधार से जुड़ी उपलब्धियां क्या रही हैं?

उत्तर प्रदेश में जब भी सपा की सरकार आती है, कानून-व्यवस्था की स्थिति बढ़ा-चढ़ा कर अति संवेदनशील बतायी जाती है. यहां तक कि छोटी-सी घटना को भी बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है. बदायूं की घटना इसका सटीक उदाहरण है. कुछ शरारती तत्व समाज में अशांति फैलाने की ताक में हमेशा लगे ही रहते हैं. इस बार भी ऐसा ही हुआ. हमारी सरकार की छवि खराब करने के लिए कुछ लोगों ने सुनियोजित तरीके से गड़बड़ियां फैलाई. आप इस बात की तारीफ करेंगे कि हमारी पुलिस खराब परिस्थितियों में भी अपना काम बखूबी करती रही. जब पुलिस अच्छा काम करती है तब भी उसकी तारीफ मुश्किल से की जाती है. राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार ने पुलिस को पूरा समर्थन दे रखा है. एक समस्या राज्य में पुलिसकर्मियों की कमी की है. इसे पूरा करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है. इसके अलावा हम पुलिस फोर्स के नवीनीकरण पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. इससे हालात और सुधरेंगे.

उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक पर्यटक स्थलों की बहुतायत है. इसके बावजूद ऐसा सुनने में आता है कि इन पर्यटक स्थलों की दशा बहुत अच्छी नहीं हैं. इस दिशा में क्या प्रयास हो रहे हैं?

आप ने सही कहा, यहां टाइगर रिजर्व और पक्षी अभयारण्य भी हैं इसके अलावा आगरा, लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, मथुरा, कन्नौज, फतेहपुर सीकरी और सारनाथ जैसे पुरातन शहर हैं. इसका मतलब प्रदेश में पर्यटकों के लिए काफी कुछ है. प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के कई विकल्प हैं. तमाम ऐतिहासिक स्थल जैसे- कलिंजर किला, झांसी का किला, लखनऊ की भूल-भुलैया, वाराणसी के घाट और इलाहाबाद में संगम आदि भी अंतरराष्ट्रीय फलक पर ख्याति प्राप्त हैं. सरकार ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए इटावा में लायन सफारी और लायन ब्रीडिंग सेंटर विकसित कर रही है. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘हेरिटेज आर्क’ विकसित करने की भी योजना है. उत्तर-पश्चिम से दक्षिण पूर्व की ओर जाने के दौरान इस आर्क पर तीन महान शहरों आगरा, लखनऊ और वाराणसी की यात्रा की जा सकती है. इसके अलावा रास्ते में कई दूसरे स्थलों का भी दौरा किया जा सकेगा. विमान, रेल और सड़क मार्ग से इस ‘हेरिटेज आर्क’ का सफर इतिहास, आध्यात्म, कला और प्रकृति का कभी न भूलनेवाला अनुभव कराएगा. पर्यटन और इससे जुड़े उद्योग को बढ़ावा देना के लिए सरकार और कोशिश करेगी ताकि युवाओं को रोजगार मुहैया किया जा सके. सरकार का लक्ष्य है कि पर्यटन को उद्योग के रूप में बढ़ावा देने के लिए लोगों को जोड़ा जाए. हाल ही में सरकार ने ‘माई आगरा कैम्पेन’ का सफलतापूर्वक आयोजन कराया है. कुशीनगर में ‘मैत्रेय परियोजना’ को पुनर्जीवित किया गया है ताकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी पर्यटक पहुंच सकें. इससे इस क्षेत्र का आर्थिक विकास सुनिश्चित हो सकेगा. विश्व बैंक की ओर से सहायता प्राप्त ‘प्रो-पूअर टूरिज्म डेवलपमेंट’ परियोजना के जरिए दो प्रमुख पर्यटन गलियारों- आगरा-ब्रज कॉरिडोर और बौद्ध परिपथ पर जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं. विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण किया जा रहा है. इसके अलावा पर्यटकों की सुविधा के लिए लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी और आगरा जैसे महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों को विमान सेवा से जोड़ा जाएगा. हमने विरासत पर्यटन नीति लागू की है, जिसके तहत विरासत से जुड़ी संपत्तियों को होटल में तब्दील किया जा सकेगा. बुंदेलखंड परिपथ को भी विकसित किया जाएगा.

एक राज्य के विकास के लिए सबसे जरूरी है बुनियादी ढांचे का विकास. सड़क और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार क्या कर रही है?

सड़क और बिजली के अलावा राज्य सरकार का  स्टेडियम, पार्क, सुपर स्पेश्यलिटी अस्पताल, कैंसर अस्पताल, आईआईआईटी, आईटी पार्क जैसे बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित किए हुए है. लखनऊ में एक विश्वस्तरीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण भी जारी है इससे प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों के लिए माहौल बनेगा. यह राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास में बड़ा योगदान होगा. इसके अलावा उन्नाव में ट्रांस गंगा हाईटेक सिटी और लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने की सपा सरकार की प्रतिबद्धता के उदाहरण हैं. मेट्रो रेल सेवा को चार दूसरे शहरों- आगरा, कानपुर, वाराणसी और मेरठ में भी शुरू करने का निर्णय लिया गया है.

अखिलेश यादव की वे कौन सी योजनाएं हैं जिनका प्रदेश के विकास पर दूरगामी असर हो सकता है?

Pages: 1 2 Single Page

(Published in Tehelkahindi Magazine, Volume 7 Issue 7, Dated April 13, 2015)

Type Comments in Indian languages