‘हमारा दृढ़ विश्वास मंगलराज में है, हमने अपने 15 वर्ष के शासन के दौरान बेजुबान लोगों को जुबान दिया’

 क्या आपको लगता है कि ध्रुवीकरण के बावजूद अगड़ी जातियों ने भी राजद उम्मीदवारों को वोट दिया?

बिहार का लोग जाति और संप्रदाय से ऊपर उठ रहा है. उन्होंने हमारी पार्टी और महागठबंधन की दूसरी पार्टियों को भी वोट दिया है. इनमें अन्य पिछड़ा वर्ग है, अति पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक,  गरीब और अगड़ी जाति के शोषित लोग भी हैं. यह गणित और रसायन (केमिस्ट्री) दोनों के हिसाब से स्पष्ट बहुमत है.

तो क्या अगली सरकार नीतीश के नेतृत्व में बनने जा रही है?

हम पहले ही घोषित कर चुका हूं कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री होंगे. मेरे और उनके बीच कोई मतभेद नहीं है. वे परखे हुए मुख्यमंत्री हैं और बिहार में रहकर लोगों के कल्याण के लिए काम करेंगे.

हम और हमारा छोटा भाई नीतीश अलग-अलग रास्ता पकड़ लिया था, इसीलिए सांप्रदायिक ताकतों को लाभ मिला

 राजग नेता यह दावा करते हैं कि जल्दी ही जंगलराज लौट आएगा और आपका व नीतीश कुमार का गठबंधन लंबे समय तक नहीं चल पाएगा.

हमारा दृढ़ विश्वास मंगलराज में है. हमने अपने 15 वर्ष के शासन के दौरान बेजुबान लोगों को जुबान दिया. हाशिये का लोग बंधुआ मजदूर का जीवन जी रहा था, हमने उनको बंधन से मुक्त कराया. और राजग नेताओं को हमारे गठबंधन के बारे में क्यों चिंता होती है? जल्द ही उनको पता चल जाएगा कि इस गठबंधन पर सदा के लिए मोहर लग गई है.

 बढ़ती असहिष्णुता को देखते हुए लेखक, फिल्मकार और वैज्ञानिक अपने राष्ट्रीय सम्मान लौटा रहे हैं. क्या अब विरोध के तौर तरीके बदलेंगे?

अगर आपको याद हो तो इस साल की शुरुआत में जब अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत आए थे तो उन्होंने भारत में यहां बढ़ते रंगभेद/नस्लभेद के लिए चेताया था. अमेरिका लौटने के बाद ओबामा ने कहा था कि अगर महात्मा गांधी आज जिंदा होते तो वे दुखी होते. उनके इस वक्तव्य का क्या अर्थ था? भाजपा सत्ता के लिए लाशों पर राजनीति करती है. भाजपा के लिए आरएसएस एजेंडा सेट करती है. लेकिन जब तक हम जिंदा हूं तब तक ये ताकतें अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होंगी.

 आपका अगला लक्ष्य क्या है? क्या आप भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपना प्रचार जारी रखेंगे?

देखिए, अब हम सबसे पहले हाथ में लालटेन लेकर बुनकरों का हाल जानने बनारस जाऊंगा. मोदी ने कई मौकों पर कहा है कि गंगा मईया ने मुझे यहां लोगों की सेवा के लिए बुलाया है. हम देखूंगा कि मोदी ने उहां कौन सी सेवा की है. फिर कोलकाता जाऊंगा और उसके बाद दूसरे राज्यों में भी जाऊंगा. आखिर में हस्तिनापुर (दिल्ली) पहुंचूंगा. बिहार में महागठबंधन की महाविजय से मोदी घबरा गए हैं. अब वे गुजरात जाने की सोच रहे हैं.

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