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लाचारी में हुआ ‘आपदा प्रबंधन’

ताजा भात बनाना आसान है, लेकिन जले भात को सुधारना एक चुनौती है. उत्तराखंड के नवनियुक्त मुखिया हरीश रावत के सामने यही मुश्किल है.  

‘ले आएंगे बाजार से जाकर दिलो जां और’

आदमी का पैदाइशी सपना है कि वह अमर हो जाए. इधर चिकित्सा विज्ञान का भी सदियों से यही स्वप्न है कि वह जीवन और मृत्यु के रहस्य को समझ ले. आयुर्वेद, यूनानी से लेकर आधुनिक चिकित्सा विज्ञान तक यह कोशिश जारी है. पुरातन तथा पौराणिक कथाओं में इस तरह की कई  

वनाधिकार पत्र के लिए अब जंगल-सत्याग्रह

कौन ‘राष्ट्रीय मानव’ का दर्जा प्राप्त बैगा जनजाति कब 9 अगस्त, 2012 से कहां मसना गांव, जिला – मंडला (मध्य प्रदेश) क्यों देवालय के नाम पर यहां न कोई छत है, न कोई चारदीवारी. है तो देवालय नाम का एक वटवृक्ष और उसके नीचे रखी देवमूर्ति. यह है मध्य प्रदेश  

बड़े शौक से सुन रहा था जमाना

विजयदान देथा न होते तो हम जान भी न पाते कि हमारी लोककथाओं का वितान कितना बड़ा है.  

नकली शोर

नकली चुनावी शोर-शराबे में जनतंत्र बहरा हो रहा है.  

चैनल और आपदा

सिर्फ सरकार को ही नहीं, चैनलों को भी आपदा की भयावहता देर से समझ आई.  

हिचक का सबब

राजनीतिक दलों को आरटीआई के दायरे में आने से डर क्यों लग रहा है?  

किडनी फेल या पास
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डॉक्टरी विज्ञान है तो विज्ञान ही परंतु इस मामले में वह रहस्यमय तथा जादुनुमा हो जाता है कि यहां दो और दो को जोड़ने पर प्राय: चार नहीं बनते. डॉक्टरी में प्राय: गणित गलत ही साबित होता है पर यह बात सामान्यजन के गले नहीं उतरती. वह मान तथा जान