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मोदी से मुठभेड़ की तैयारी

2017 के विधानसभा चुनावों में अभी कुछ वक्त है लेकिन उत्तर प्रदेश में सिर उठा रही नई राजनीतिक स्थितियों के मद्देनजर समाजवादी पार्टी ने अपने संगठन के भीतर आमूल परिवर्तन की शुरुआत की है. पार्टी आम जनता के बीच सरकार की सकारात्मक छवि बनाने और सबकी भागीदारी सुनिश्चित करने की  

उपद्रव  की उपकथा

दीपावली के बाद दिल्ली के त्रिलोकपुरी में हुए सांप्रदायिक उपद्रव की पड़ताल बताती है यह तात्कालिक घटनाओं का परिणाम नहीं था  

शुरू होनेवाला है हिंदी के लिए हिंदी में रूदन-क्रंदन मौसम

पुस्तक मेले का मौसम बस आ ही गया है. राजधानी वाले शहरों से लेकर जिला मुख्यालयों तक के कई शहर में आयोजन शुरू होनेवाले हैं. बड़ी-बड़ी बातें कि हिंदी साहित्य की धाक तो देखिए, धमक तो देखिए…वगैरह-वगैरह. बड़ी-बड़ी चिंताएं भी कि अंगरेजी वालों ने तो यह कर दिया है हिंदी  

टनाटन पर्यटन

आज के पर्यटन से पहले देशाटन और तीर्थाटन था और सब जगह इसके साथ एक पूरी अर्थव्यवस्था फलती-फूलती थी  

पड़ोस का राष्ट्रवाद और मैकडॉनल्ड की दुकान  नजरिया

मेरे घर की खिड़की से पीले रंग का एम दिखने लगा है. दसवीं मंजिल पर फ्लैट की खिड़की से बराबर में दिखता है एम. मैकडॉनल्ड अमेरिका से चल कर मेरे पड़ोस में आ गया है. अमेरिका का स्ट्रीट फूड इंडिया में रेस्त्रां के नाम से चल रहा है. व्यस्त मध्यमवर्गीय  

उत्तराखंड: अनर्थ को आमंत्रण

उत्तराखंड में स्थानीय लोग पहले की तरह अपने स्तर पर नंदा देवी राजजात का आयोजन करते रहें तो शायद ही किसी को आपत्ति हो. लेकिन हर तरह के प्रचार माध्यमों के जरिये हजारों लोगों को यहां हांका लगा कर जुटा लाना भारी अनर्थ का संकेत है  

जोगी थे सो मिट गए, अब योगी का ही राज…

जोगियों की धरती गोरखपुर अब वह जगह नहीं रही जो इसकी सांस्कृतिक पहचान थी  

‘मलेशियाई विमान को किसने गिराया?’

पूर्वी यूक्रेन में मलेशियाई विमान मार गिराया जाना पश्चिमी देशों के लिए रूस को नीचा दिखाने का ऐसा सुनहरा मौका बन गया है, जिसमें किसी अनचाहे युद्ध के मनचाहे बहाने मिल सकते हैं  

‘ब्याह हमें किस मोड़ पे ले आया…’

चर्चित लेखक-आलोचक और काशी हिंदू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर कृष्ण मोहन द्वारा अपनी परित्यक्ता पत्नी के साथ की गई सार्वजनिक बदसलूकी बीते दिनों खासी चर्चा में रही. वरिष्ठ लेखिका मैत्रेयी पुष्पा इस घटना के बहाने कुछ जरूरी सवाल उठा रही हैं  

अमर सिंह होने का मतलब

क्या वजह है कि मुलायम सिंह यादव अमर सिंह के सारे जुबानी गुनाह भूलने को तैयार दिखते हैं?