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एलबमः किक

चूंकि हम किक के गीतों को छोड़ कई तरह की बेजा बातें करेंगे, इसलिए यह जानना जरूरी है कि हम चार के चौदह किए गीतों की बात क्यों नहीं करेंगे. जब सलमान ने अपना पहला गाना गाया, ‘चांदी की डाल पर सोने का मोर’, यार-रकीबों ने कहा था, ‘भाई ने  

एलबमः एक विलेन

भट्ट कैंप की छाप वाली आजू-बाजू खड़ी दो फिल्मों के संगीत में कितना अंतर है. ‘सिटीलाइट्स’ और ‘एक विलेन’. दोनों ही फिल्मों ने अपने-अपने हिस्से के दर्द को अलग-अलग जिंदगियों से चुना है. सिटीलाइट्स का दर्द सच्चा-अपना है तो एक विलेन के ज्यादातर गीत मैन्यूफैक्चर्ड दर्द पर आत्ममुग्ध हैं. एक  

बड़ा कागजी है पैरहन

2 स्टेट्स आसानी से 3 इडियट्स हो सकती थी. उसे बस अर्जुन कपूर को छिपाना था और हिरानी-आमिर को फिल्म से जोड़ना था. और अगर यह मुश्किल था तो कम से कम उसे हिरानी की 3 इडियट्स को बार-बार देखना था ताकि वह समझ सके कि जिस फील गुड सिनेमा  

गागर में सागर भरने की कोशिश

साप्ताहिक समाचार पत्रिका शुक्रवार की साहित्य वार्षिकी प्रकाशित हो चुकी है. साहित्य केंद्रित इस अंक में संस्मरण और यात्रा वृत्तांत जैसी उन विधाओं को प्रमुखता दी गई है जिन पर इन दिनों अधिक जोर है. राजेंद्र माथुर, धर्मवीर भारती, नामवर सिंह, केदारनाथ सिंह, विश्वनाथ त्रिपाठी, नरेश सक्सेना, अरविंद कुमार, निदा  

एक और पूर्वज से संवाद

युवा कवि यतीन्द्र मिश्र के नए कविता संग्रह ‘विभास’ को नया कहने की कई वजहें हैं. एक तो यह अभी-अभी प्रकाशित हुआ है, लेकिन उससे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस संग्रह में यतीन्द्र ने कबीर बानी और कबीरी पदों के प्रचलित संदर्भों से अलग मायने पेश किए हैं. गुलज़ार,  

बुलेट राजा

गीतकार » कौसर मुनीर, संदीप नाथ संगीतकार » साजिद-वाजिद, आरडीबी  

कुछ ना कहो, कुछ भी ना कहो

फिल्म समीक्षा फिल्म » घनचक्कर निर्देशक»  राज कुमार गुप्ता लेखक » परवेज शेख, राज कुमार गुप्ता कलाकार » विद्या बालन, इमरान हाशमी, राजेश शर्मा, नमित दास हमारी दुनिया की प्रॉब्लम है कि इसमें हंसी इतने स्वाभाविक ढंग से दाखिल नहीं होती, जैसे जीवन का हिस्सा हो. यही प्रॉब्लम घनचक्कर की भी है. यह कई