अपूर्वानंद, Author at Tehelka Hindi — Tehelka Hindi
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Articles By अपूर्वानंद 
‘लोगों की स्वतंत्रता और लोकतंत्र पर हमला हो रहा है, बहस इस पर होनी चाहिए राष्ट्रवाद पर नहीं’

किसी से आप पूछेंगे कि वह किसको मानता है राष्ट्रवाद तो वह नहीं बता पाएगा. कुछ धुंधली-सी अवधारणा है लोगों के दिमाग में कि मुल्क हमेशा खतरे में रहता है, सैनिक उसकी रक्षा करते हैं, वे मारे जाते हैं, और इधर बुद्धिजीवी हैं जो तरह-तरह से सवाल उठाते रहते हैं,  

खतरनाक दौर से गुजर रहा भारतीय लोकतंत्र

भारत आजादी के बाद के सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है. या सबसे कड़े इम्तेहान से. यह कोई नाटकीय वक्तव्य नहीं है. भारत की जो कल्पना आजादी के आंदोलन के दौरान गांधी के नेतृत्व में प्रस्तावित की गई थी और जिसे भारतीय संविधान ने मूर्त करने का प्रयास किया,