सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा हटाए गए

सेलेक्ट समिति का फैसला, कांग्रेस ने किया सख्त विरोध

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बहाली के तीन दिन बाद ही सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा को गुरूवार को फिर उनके पद से हटा दिया गया। पीएम नरेंद्र मोदी, लोकसभा में कांग्रेस के नेता मलिकार्जुन खड़गे और मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई के प्रतिनिधि जस्टिस एके सीकरी की सदस्‍यता वाली उच्चाधिकार प्राप्त सेलेक्ट कमिटी ने २-१ से उन्हें हटाने का फैसला किया। कांग्रेस ने उन्हें हटाने के फैसले का सख्त विरोध किया है जबकि वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने फैसले को ”चौंकाने वाला” बताया है।
इस फैसले के साथ ही मोदी सरकार ने उनका तबादला कर उन्‍हें फायर सेफ्टी विभाग का डीजी बना दिया है। वे २४ घंटे पहले ही सीबीआई में काम पर लौटे थे। इसके अलावा सरकार ने उनकी जगह दोबारा एम नागेश्‍वर राव को सीबीआई निदेशक की जिम्‍मेदारी सौंप दी है।
गौरतलब है कि सीवीसी की रिपोर्ट में वर्मा के खिलाफ आठ आरोप लगाए गए थे। इस रिपोर्ट को आज उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में रखा गया। अब आलोक वर्मा के खिलाफ सीवीसी की जांच जारी रहेगी। माना जाता है कि जस्टिस सीकरी ने सीवीसी की रिपोर्ट पर संतुष्टि जताई है।
कहा गया है कि १९७९ बैच के एजीएमयूटी कैडर के आईपीएस अधिकारी वर्मा को ”भ्रष्टाचार और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही” के आरोप में पद से हटाया गया है। एजेंसी के इतिहास में इस तरह की कार्रवाई का सामना करने वाले वर्मा सीबीआई के पहले निदेशक हैं।
उच्चाधिकार प्राप्त सलेक्‍शन कमिटी की बैठक पीएम मोदी के आवास पर हुई और करीब ढाई घंटे तक चली। आलोक वर्मा को हटाने का फैसला २-१ से हुआ और पीएम मोदी और जस्टिस सीकरी ने उन्‍हें हटाने पर मुहर लगाई जबकि खड़गे ने वर्मा को हटाने का कड़ा विरोध किया। वे फैसले में देरी चाहते थे लेकिन पीएम और जस्टिस सीकरी ने कदम उठाने का निर्णय किया।
खड़गे ने कहा कि सीवीसी खुद जांच के दायरे में हैं। उनके आरोपों पर भरोसा कैसे किया जा सकता है। सीवीसी की ओर से लगाए गए आरोपों की निष्‍पक्ष जांच की जानी चाहिए। वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने आलोक वर्मा को हटाए जाने के फैसले को ”चौंकाने वाला” फैसला बताया है।
वर्मा को हटाए जाने पर कांग्रेस ने कहा कि आलोक वर्मा का पक्ष जाने बिना  उन्हें हटाकर पीएम मोदी ने एक बार फिर साबित किया कि वह जांच से काफी डरते हैं। फिर चाहे वह स्‍वतंत्र सीबीआई निदेशक की हो या जेपीसी की जांच।