‘सामाजिक न्याय भूलकर लालू यादव परिवार का न्याय करने में लग गए हैं’

तो भाजपा में आपको ऐसी क्या खासियत लगी कि आपने इसमें शामिल होने का फैसला किया?
कांग्रेस को लगातार देखा जा रहा है. भ्रष्टाचार-महंगाई चरम पर है. देश के अहम सवालों के प्रति कांग्रेस में कोई चिंता ही नहीं है. देश में आज भाजपा के प्रति एक लहर है और देश को आगे ले जाने वाले नेता के तौर पर नरेंद्र मोदी को देखा जा रहा है. ऐसी कई बातों को ध्यान में रखकर मैंने फैसला किया.

राजद में रहते हुए आप तो भाजपा और नरेंद्र मोदी को सबसे ज्यादा निशाने पर लेने वाले नेता रहे हैं. अब क्या कहकर नरेंद्र मोदी के पक्ष में वोट मांगेंगे?    
कार्यकर्ताओं के सामने एक ही नारा लगेगा- ‘छोड़ो कल की बातें, कल की बात पुरानी, नए दौर में लिखेंगे, मिलकर नई कहानी’. कोर्ट ने नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दे दी है. आखिर ऐसे ही तो कोर्ट ने क्लीन चिट नहीं दी होगी. अब नया समय है, देश के सामने नई चुनौतियां हैं. इन सबसे निपटने के लिए नरेंद्र मोदी जैसे नेता की जरूरत आज देश को है.

तो क्या मोदी अब आपके लिए सांप्रदायिक नहीं रहे?
जो लोग नरेंद्र मोदी को जुबानी जमा खर्च कर सांप्रदायिक कहते रहते हैं, उन्हें यह भी देखना चाहिए कि मोदी जी के शासनकाल में मुसलमानों व अल्पसंख्यकों का कितना हित और विकास हुआ है. अगर वे सांप्रदायिक होते तो अल्पसंख्यकों का भला नहीं सोचते.

तो आगामी चुनाव में बिहार का परिदृश्य कैसा होगा? आपकी नई पार्टी का क्या होगा और पुरानी पार्टी का?
हमारी पुरानी पार्टी यानी लालू जी की पार्टी की स्थिति और बुरी होगी. उनकी सीटें और कम होंगी. यह वे खुद भी जानते हैं. भाजपा की लहर है बिहार में यह सिर्फ मेरे कहने से नहीं मानिए, खुद जाकर महसूस कीजिए.

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