भ्रष्टाचार पर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

कांग्रेस नेता 'कैग' से मिले, भाजपा का 'हवाला' का आरोप

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देश की राजनीती में २०१९ के चुनाव से पहले आरोपों-प्रत्यारोपों का सिलसिला शुरू हो गया है। राफेल में भर्ष्टाचार के आरोपों को लेकर जहाँ कांग्रेस के नेता बुधवार को दिल्ली में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से मिले और पुरे रेकार्ड की छानबीन की मांग की वहीँ भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके कांग्रेस पर ”टनों रूपये” हवाला के जरिये अपने दफ्तर में जमा करने का आरोप लगाया।

सुबह पहले कांग्रेस के बड़े नेता कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अहमद पटेल, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, मुकुल वासनिक, वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, राजीव शुक्ला और विवेक तन्खा ने कैग से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इसमें राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर कैग राजीव महर्षि से मुलाकात की और विमान सौदे में कथित ”वित्तीय अनियमितताओं” को लेकर समयवद्ध ”विशेष और फोरेंसिक ऑडिट” की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में कैग से आग्रह किया कि पूरे रेकार्ड की छानबीन के साथ-साथ इसका ऑडिट होना चाहिए ताकि देश की जनता को सच पता चल सके साथ ही मोदी सरकार की जिम्मेदारी तय हो सके। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लोक सभा में राफेल को लेकर मोदी सरकार पर जबरदस्त हमले के बाद पार्टी इस पर लगातार अकर्मक दिख रही है। उसका आरोप है कि मोदी सरकार ने फ्रांस की कंपनी दसाल्ट से ३६ राफेल लड़ाकू विमान की खरीद का जो सौदा किया है, उसका मूल्य पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के समय किए समझौते की तुलना में बहुत अधिक है। मंगलवार को पूर्ण रक्षा मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता एके एंटनी ने सरकार पर देश की सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाया था।

कांग्रेस नेताओं की कैग से मुलाकात के दो-घंटे की भीतर ही भाजपा भी कांग्रेस के खिलाफ सामने आ गयी . पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर हवाला के जरिये पैसा जमा करने का आरोप लगाया। मंगलवार को ही ईडी ने कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आज इस मामले पर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला किया।

पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस को ”भ्रष्टाचार का पर्याय” बताया और कहा – ”हमारे पास डीके शिवकुमार के चालक का बयान है, जिसने आईटी विभाग को बताया कि कैसे किलो में तौल कर पैसे को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दफ्तर पहुंचाया गया”। पात्र ने कहा कि ”अब यह हमारे सामने आ गया है कि कांग्रेस क्यों नोटबंदी के दौरान रो रही थी”। पात्रा ने कहा कि बेंगलुरु और कर्नाटक के अन्य शहर से किलो के हिसाब से पैसा चांदनी चौक आता था और फिर चांदनी चौक से गाड़ियों में भर भर कर उसे कांग्रेस के दफ्तर ले जाया जाता था। उन्होंने कांग्रेस को ”अनधिकृत नकदी,  हवाला लेन देन और भ्रष्ट सौदों का पिलर बताया और आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी इसी पर टिकी है”।