प्रियंका से मिल रो पड़े सोनभद्र के पीड़ित

पिछले २६ घंटे से हिरासत में हैं प्रियंका, मिलने पर अड़ीं रहीं

0
675

पिछले २६ घंटे से पुलिस हिरासत में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मिलकर सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ित रो पड़े। करीब १७ पीड़ित मिर्जापुर में प्रियंका गांधी से मिलने आये थे लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उनसे सिर्फ दो ही लोगों से मिलने दिया। प्रियंका अब वहां धरने पर बैठीं हैं।

प्रियंका को पुलिस ने जमानत पर छोड़ने की बात कही लेकिन कांग्रेस नेता ने इससे साफ़ कर दिया। उन्होंने कि उन्होंने कोइ क़ानून नहीं तोड़ा जो जमानत दें। प्रियंका ने  भी कड़ा प्रतिवाद किया कि उन्हें बिना किसी कारण यहाँ रोका गया है। प्रियंका से किये गए इस व्यवहार के लिए कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किये हैं।

कांग्रेस नेता तारिक़ अनवर ने आरोप लगाया है कि प्रियंका को इसलिए रोका गया है कि ताकि उनके साथ मीडिया भी सोनभद्र जाकर कहीं दुःख पीड़ित आदिवासियों का दर्द सामने न ले आये और योगी सरकार की पोल खुल जाए।

प्रियंका के आंदोलन से यूपी की राजनीति में हलचल मच गयी है। योगी सरकार भी रक्षात्मक दिख रही है। अब सोनभद्र नरसंहार पर सियासी संग्राम बढ़ गया है। याद रहे शुक्रवार को नरसंहार पीड़ितों से मिलने जा रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस ने मिर्जापुर में ही रोक लिया, जिसके बाद कांग्रेस महासचिव की पूरी रात पुलिस हिरासत में कटी।

देर रात तक अफसरों का मिर्जापुर गेस्ट हाउस में आना-जाना लगा रहा। प्रियंका गांधी ने साफ कर दिया कि वो नरसंहार पीड़ितों से मिले बगैर वापस नहीं लौटेंगी।  प्रियंका ने कहा कि जब तक उन्हें सोनभद्र नहीं जाने दिया जाएगा तब तक वो पीछे नहीं हटेंगी। गांधी ने प्रशासन से कहा कि अगर सोनभद्र में धारा १४४ लागू है तो वो पीड़ित परिवारों से मिर्जापुर या वाराणसी में भी मिल सकती हैं जिसके बाद सोनभद्र नरसंहार के पीड़ित परिजन प्रियंका गांधी से मिलने चुनार गेस्ट हाउस पहुंचे लेकिन प्रशासन ने सिर्फ दो लोगों को ही प्रियंका गांधी से मिलने की इजाजत दी।

सोनभद्र पीड़ितों से मिलने जा रही प्रियंका गांधी को राज्य प्रशासन की तरफ से मिर्ज़ापुर में ही रोके जाने के बाद खासा बवाल मचा हुआ है। हिरासत में लिए जाने के बाद प्रियंका रात भर मिर्जापुर के गेस्ट हाउस में रही। प्रियंका के साथ कई पार्टी कार्यकर्ता गेस्टहाउस के बाहर धरने पर बैठे हैं। प्रियंका ने ट्वीट भी किया कि वह पीड़ितों से मिले बिना वापस नहीं जाएंगी।  ”मेरे वकीलों के मुताबिक मेरी गिरफ़्तारी हर तरह से गैर-क़ानूनी है। पुलिस के लोगों ने मुझे सरकार का संदेश दिया है कि मैं पीड़ित परिजनों से नहीं मिल सकती।”

इस बीच टीएमसी के चार सांसदों के एक दल, जो पीड़ितों से मिलने जा रहा था, को  वाराणसी एयरपोर्ट पर रोक लिया गया। टीएमसी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ ब्रायन और अन्य अब घायलों से मिलने अस्पताल जा रहे हैं।

Priyanka Gandhi Vadra

@priyankagandhi
मैंने यह स्पष्ट करते हुए कि मैं किसी धारा का उल्लंघन करने नहीं बल्कि पीड़ितों से मिलने आयी थी सरकार के दूतों से कहा है कि बग़ैर मिले मैं यहाँ से वापस नहीं जाऊँगी।