पंचतत्व में देह और अमर हो के नारे

लाखों नम आँखों के बीच कलाईनार की देह मरीना बीच में गुरु अन्नादुरई की बगल में दफनाई गयी

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तिरंगे में लिपटी करूणानिधि की पार्थिव देह जब मरीना बीच पहुँची वहां उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुँची हर आँख नाम थी। समर्थक दूर खड़े रो रहे थे। तमिल राजनीति के पितामह करूणानिधि के तमाम परिजन, जिनमें एमके स्टालिन भी हैं, वहां मौजूद थे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, फ़ारूक़ अब्दुल्ला, गुलाम नबी आज़ाद सहित कई मुख्यमंत्री और बड़े नेता वहां मौजूद थे। दफ़नाने से पहले करूणानिधि के शव पर फूल चढ़ाकर उन्हें नेताओं ने अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्हें २१ तोपों की सलामी दी गयी। ठीक 7.03 बजे करूणानिधि की पार्थिव देह को मातमी धुन के बीच पास में बनी कबर में पूरे राजकीय सम्मान के साथ दफना दिया गया।

इस तरह तमिलनाडु की राजनीति में एक लम्बे युग का अंत हो गया। पिछले डेढ़ साल में प्रदेश की राजनीति के दो बड़े नाम जय जयललिता और अब करूणानिधि परिदृश्य से गायब हो गए हैं। स्टालिन के अलावा एआईडीएमके और फिल्मों से राजनीति में आये रजनीकांत, कमल हासन जैसे नेता अब तमिल राजनीति के नए चेहरों के तौर पर सामने हैं।

इससे पहले राजाजी हॉल, जहाँ करूणानिधि का शव मरीना बीच ले जाने से पहले अंतिम दर्शन के लिओए रखा गया था, में भारी भीड़ ले चलते भगदड़ मचने से 2 लोगों की मौत हो गई है। इस भगदड़ में चार दर्जन लोग घायल हो गए। इस बीच करूणानिधि का शव मरीना बीच ले जाने की तैयारी कर ली गयी हैं उन्हें चार बजे के करीब दफनाया जाएगा। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजाजी हाल पहुंचकर वरिष्ठ नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धांजलि देने के लिए राजाजी हॉल में लाखों लोग उमड़ पड़े है। इस दौरान पुलिस और भीड़ के बीच धक्कामुक्की होने से वहां भड़दड मच गयी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज भी किया। इसमें कई लोगों के घायल होने की रिपोर्ट है।

सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अभिनेता रजनीकांत और कमल हासन ने भी दिवगंत नेता को अंतिम विदाई दी। वहां बढ़ती भीड़ को देखकर पुलिस ने राजाजी हॉल में प्रवेश पर रोक लगा दी जिससे खफा डीएमके समर्थक दीवार फांदकर अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। इसी बीच पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने कुछ घंटे की कोर्ट में चली लड़ाई में करूणानिधि को मरीना बीच पर पर दफ़न करने की हरी झंडी दे दी। इस मसले को लेकर सूबे में तनाव की स्थिति बन गयी थी क्योंकि एआईडीएमके सरकार ने करूणानिधि को मरीना बीच पर दफ़न करने का कुछ कारण देकर विरोध किया था। हालाँकि कोर्ट ने बुधवार को कुछ घंटे की सुनवाई के बाद डीएमके की अप्पील को मंजूर करते हुए करूणानिधि को मरीना बीच पर दफ़न करने की इज़ाज़त दे दी। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी करूणानिधि के अंतिम दर्शन के लिए कुछ देर पहले चेनेई पहुँच गए हैं जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।

मद्रास हाई कोर्ट ने इसकी मंजूरी दी है। इस तरह तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत डीएमके नेता एम करुणानिधि के पार्थिव शरीर को मरीना बीच पर ही दफ़नाया जाएगा। मद्रास हाईकोर्ट में मंगलवार और बुधवार सुबह कुछ घंटे चली सुनवाई के बाद करुणानिधि को अन्नादुरई की समाधि के बगल में दफनाने की अनुमति मिल गयी।

करूणानिधि को दफ़नाने के स्थान को लेकर मंगलवार रात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के घर पर सुनवाई शुरू हुई थी, जिसे सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। अदालत ने राज्य सरकार से इस पर जवाब मांगा था। डीएमके चाहती थी कि उनके नेता के शव को मरीना बीच पर जगह मिले, जहां तमिलनाडु की राजनीति के दिग्गजों के शव दफ़नाए गए थे हालांकि प्रदेश की एआईएडीएमके सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी थी जिसके बाद डीएमके कोर्ट में गयी थी। पूर्व मुख्यमंत्री एम जी रामचंद्रन और उनकी बेहद करीबी जे जयललिता मरीना बीच पर ही दफन किए गए थे और वहीं उनके स्मारक बनाए गए। ये दोनों राजनीति में करुणानिधि के कट्टर विरोधी थे।