गरीब की थाली से टमाटर गायब

सब्जियों के हर रोज बढ़ते दामों से गरीबों की थाली से हरी सब्जियां और टमाटर गायब होते जा रहे है। सब्जियों के बढ़े दामों के पीछें क्या कारण है?

इस पर तहलका संवाददाता ने सब्जी व्यापारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि, कई बार फसल की कमी होती तो कई बार जमाखोरी (कालाबाजारी) भी  जिसके कारण सब्जियों के दामों में इजाफा होता है।

सब्जी व्यापारी पवन कुशवाहा ने बताया कि, एक ओर तो पेट्रोल-डीजल के दाम बढे है। फिलहाल जरूर थोड़ी कम हुये है। जिसके चलते सब्जियों के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं कुछ व्यापारी जो मोटे पैसे वाले है। वे जमकर काला बजारी कर जमाखोरी कर रहे है। जिसके कारण  सब्जियां सही मात्रा में बाजार में नहीं आ पाती है।

आजादपुर मंड़ी के व्यापारी संतोष अग्रवाल का कहना है कि, थोक मंडियों में तो टमाटर 37, 40 और 30 रूपये किलों है। लेकिन छोटी मंडियों में किराया-भाड़ा लगने से 70, 80 और 100 रूपये किलो तक बिक रहा है।