आसान शिकार

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Asan-Shikar
इलेस्ट्रेशन: मनीषा यादव

मनुष्य की मेरी देह ताकत
के लिए एक आसान शिकार है
ताकत के सामने वह इतनी दुर्बल है
और लाचार है
कि कभी भी कुचली जा सकती है
ताकत के सामने कमजोर और
भयभीत हैं मेरे बाल और नाखून
जो मेरे शरीर के दरवाजे पर ही
दिखाई दे जाते हैं
मेरी त्वचा भी इस कदर पतली
और सिमटी हुई है
कि उसे पीटना बहुत आसान है
और सबसे अधिक नाजुक और
जद में आया हुआ है मेरा हृदय
जो इतना आहिस्ता धड़कता है
कि उसकी आवाज भी शरीर से
बाहर नहीं सुनाई देती
ताकत का शरीर इतना
बड़ा इतना स्थूल है
कि उसके सामने मेरा अस्तित्व
सिर्फ एक सांस की तरह है

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