
रेलवे की बदनामी के लिए घिनौनी साजिश
सुजीत ठाकुर, तहलका।
देश की लाइफ लाइन रेलवे। यह किसी सरकार या नेता की धरोहर नहीं है। यह हर भारतीय की अपनी संपत्ति है जिसकी सेवा का लाभ सभी उठा रहे हैं। लेकिन सियासी विरोध के लिए टारगेट अब रेलवे को किया जा रहा है।
पिछले दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब चला। इसमें ट्रेन की बोगी में सांप को रेंगते हुए दिखाया गया। पैसेंजर अपनी सीटों पर बैठें हैं और सांप बोगी में रेंग रहा है। फौरन हरकत में आए रेलवे कर्मचारियों ने सांप को तो हटाया ही इस मामले को रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
सूत्रों का कहना है कि जांच पड़ताल के लिए सीसीटीवी कैमरे को खंगाला गया। ट्रेन जिस स्टेशन से चली थी वहां से हर स्टेशन पर पूछताछ और पड़ताल की गई। यहां तक की साफ-सफाई के लिए जब ट्रेन वाशिंग लाइन में थी वहां भी पड़ताल की गई। इसमें चौकाने वाला तथ्य सामने आया। एक स्टेशन के आसपास कुछ सपेरे देखे गए। जांच और पूछताछ में पता चला कि उन्हे किसी ने पैसे दिए थे और कहा था कि ट्रेन में सांप छोड़ दे।
सूत्रों का कहना है कि यह तथ्य सामने आने के बाद आगे की पड़ताल की गई। उस सोशल मीडिया हैंडल को भी परखा गया जहां से पहली बार यह वीडियो अपलोड किया गया था। जांच में पता चला कि, जिस व्यक्ति ने सपेरे से संपर्क किया था वह एक राजनीतिक दल का समर्थक है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस एंगल से भी जांच की जा रही है कि कहीं इसका लेना देना उस साजिश का हिस्सा तो नहीं है जिसके तहत बीते कुछ सालों में ट्रेन को सबोटाज करने की कोशिश की गई थी। इसमें पटरी पर गैस सिलेंडर रखने, लोहे का खंभा रखने जैसी घटनाएं पहले हो चुकी है।
क्या इस मामले में कोई एफआईआर या रिपोर्ट दर्ज की गई है? रेलवे के एक अधिकारी का कहना है कि अभी इस मामले में टिप्पणी करना उचित नहीं है। अभी तक जो जानकारी मिली है वह काफी संवेदनशील है। ट्रेनों में पेस्ट कंट्रोल जैसी समस्याएं हो सकती हैं लेकिन सांप का आना कई असाधारण स्थिति है इसलिए सभी एंगल से जांच हो रही है।
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