
नई दिल्ली: Beijing के Great Hall of the People में हुई इस हाई प्रोफाइल मीटिंग में दोनों नेताओं ने ईरान संकट, व्यापार, ताइवान और वैश्विक हालात जैसे कई बड़े मुद्दों पर चर्चा की। लेकिन मीटिंग खत्म होने के बाद जब दोनों मीडिया के सामने आए, तो लोगों का ध्यान ट्रंप के हाव-भाव पर टिक गया। तस्वीरों में ट्रंप के कंधे झुके हुए दिखे और उनके चेहरे पर तनाव साफ नजर आया। वहीं शी जिनपिंग आराम से बैठे दिखाई दिए और उनके चेहरे पर हल्की मुस्कान भी नजर आई।
बॉडी लैंग्वेज एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी बड़े नेता के हाव-भाव उसके मानसिक दबाव और स्थिति को काफी हद तक दिखाते हैं। ट्रंप जिस तरह हाथों को घुटनों के बीच दबाकर बैठे थे, उसे कई लोग दबाव और असहजता का संकेत मान रहे हैं। दूसरी तरफ जिनपिंग का आत्मविश्वास भरा अंदाज यह दिखा रहा था कि बातचीत में चीन की स्थिति ज्यादा मजबूत रही।
इस मुलाकात के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर भी चर्चा हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने साफ कहा कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ हर हाल में खुला रहना चाहिए और किसी भी देश की दादागिरी वहां नहीं चलेगी। वहीं ताइवान मुद्दे पर जिनपिंग ने अमेरिका को दो टूक संदेश देते हुए कहा कि यह चीन की ‘रेड लाइन’ है और इस मामले में कोई समझौता नहीं होगा।
बताया जा रहा है कि ट्रंप इस दौरे में आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों को फिर से मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं। इसी वजह से उनके साथ बड़े कारोबारी चेहरे भी नजर आए। हालांकि सोशल मीडिया पर अब चर्चा इस बात की ज्यादा हो रही है कि इस मुलाकात में मनोवैज्ञानिक बढ़त आखिर किसके पास रही।



