कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले ने कई सवाल खड़े कर दिये हैं। सबसे बड़ा सवाल उनकी प्राइवेट सिक्योरिटी पर है। अभिषेक बनर्जी के पास उनकी ट्रस्टेड प्राइवेट सिक्योरिटी है। ये वे सिक्योरिटी वाले हैं जो परछाई की तरह अभिषेक बनर्जी के साथ रहते हैं, पर वे उस दिन नहीं दिखे। यह वह प्राइवेट सिक्योरिटी है जो उनके एकदम करीब रहती है।
सवाल उठता है कि सभी का अचानक गायब हो जाना, नेताओं का चले जाना, मोटरसायकिल वाले समर्थकों का भी वहां से पहले ही प्रस्थान कर जाना, ये सब क्या कुछ और कहानी बयां नहीं कर रहे हैं।
वायरल वीडियो में उनके साथ उनकी डिजिटल टीम के लोगों को जरूर देखा जा रहा है, जहां एक युवती हर क्षण का वीडियो रिकार्ड कर रही है। जब वे पार्टी कर्मी के घर पहुंचे हैं, वहां भी उनकी डिजिटल टीम मौजूद थी। सारी टीम मौजूद थी तो फिर सिक्योरिटी टीम कहां गयी ? जहां अभिषेक बनर्जी पर भीड़ के हमले या अंडा फेंके जाने की बात की जा रही है, वह स्थान कोई गली में नहीं था, बल्कि चौड़ी सड़क थी।
अभिषेक अक्सर बाहर जाते समय एसयूवी का उपयोग करते हैं। इस मामले में देखा गया कि वह एसयूवी छाेड़ कर अचानक मोरसाइकिल से गंतव्य की ओर रवाना हुए। गौर करने लायक बात यह भी है कि मोटरसाइकिल पर पहले वे हेलमेट नहीं पहने थे लेकिन उन्हें कुछ क्षण बाद ही हेलमेट मुहैया करा दी गयी। वह भी नयी हेल्मेट। गांव गिरांव में इस तरह हेलमेट का प्रचलन नहीं है। यह भी देखने लायक बात थी कि सोनारपुर उनके जाने के पहले उनके समर्थकों का बड़ा हिस्सा मोटरसाइकिल लिये हुए उनकी अगवानी करने को खड़ा था, पर बाद में वहां से सब चले गये। अभिषेक वहां से एक् पार्टी कर्मी के साथ मोटरसाइकिल पर निकले।
आश्चर्य की बात यह है कि मौके पर स्थानीय सांसद या पार्टी का विधानसभा कैंडिडेंट भी नदारद थे। यहां तक कि कोई वरिष्ठ नेता भी वहां मौजूद नहीं था। दूसरी तरफ टीएमसी का आरोप है कि मौके पर सीआरपीएफ का एक जवान इशारा करके किसी को बुला रहा था। अब वह ट्रैफिक व्यवस्था देख रहा था कि किसी को इशारा कर था, यह नहीं पता।
उल्लेखनीय है कि लगभग 26 दिन बाद अभिषेक बनर्जी पब्लिक में निकले और लोगों से मिलने का प्रयास किया। वहां जो कुछ हुआ उसके बाद मामला अस्पतालों पर दोषारोपण तक पहुंच गया, क्योंकि कोई भी अस्पताल गंभीर चोट नहीं होने के कारण उन्हें एडमिट करने को तैयार नहीं था। फिलहाल तबीयत खराब होने के कारण वह आराम कर रहे हैं। वे जल्द स्वस्थ हों मगर उनकी सिक्योरिटी के ऊपर कई सवालिया निशान उठ रहे हैं कि उनकी प्राइवेट सिक्योरिटी एकदम चाक चौबंद हुआ करती थी वह इस घटना के समय कहां थी और क्या कर रही थी?




