वायरल वीडियो से बढ़ा CJP विवाद; छात्रों के समर्थन में उतरे राहुल, केजरीवाल और दिलजीत दोसांझ

नई दिल्ली: दिल्ली में CJP के ‘चलो संसद’ प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के बाद अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पुलिसकर्मी एक बच्चे को थप्पड़ मारता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और बच्चे की उम्र को लेकर भी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

सोमवार को संसद की ओर बढ़ रहे हजारों छात्रों और युवाओं को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय दिल्ली के कई इलाकों में बैरिकेड लगाए थे। पुलिस का कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने और पुलिस पर पथराव करने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। वहीं प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उनका मार्च शांतिपूर्ण था और उन पर बिना पर्याप्त चेतावनी के लाठीचार्ज किया गया। झड़प के दौरान कई लोग घायल हुए और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।

घटना के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलन में शामिल समर्थकों, विशेषकर महिलाओं और छात्रों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि किसी भी युवा को अपनी आवाज उठाने की कीमत पुलिस की लाठियां खाकर नहीं चुकानी चाहिए। उन्होंने यह भी घोषणा की कि संगठन फिलहाल दोबारा संसद मार्च नहीं निकालेगा, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं होगा। उनका कहना है कि जब तक छात्रों और युवाओं की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, विरोध जारी रहेगा।

पुलिस कार्रवाई के बाद विपक्ष ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की आवाज को लाठी और आंसू गैस से दबाया नहीं जा सकता। अरविंद केजरीवाल ने पुलिस कार्रवाई की तुलना अंग्रेज़ी शासन से करते हुए इसकी कड़ी आलोचना की और घायल व हिरासत में लिए गए छात्रों के लिए मुफ्त कानूनी सहायता, चिकित्सा सहायता और एक विशेष हेल्पलाइन शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कोई भी छात्र अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

इस मुद्दे पर फिल्म जगत से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ ने कहा कि सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए और संवाद के बजाय बल प्रयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने भी वायरल वीडियो साझा करते हुए घटना पर चिंता जताई और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।

दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि संसद क्षेत्र की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई केवल हालात को नियंत्रित करने के लिए की गई। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी संगठन इसे शांतिपूर्ण आंदोलन पर अनावश्यक बल प्रयोग बता रहे हैं। बच्चे के वायरल वीडियो से लेकर विपक्ष और फिल्मी हस्तियों की प्रतिक्रियाओं तक, यह मामला अब केवल एक छात्र प्रदर्शन नहीं, बल्कि पुलिस कार्रवाई और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार पर राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है।