पीएम आवास के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत के बाद रिहा

नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया। कुछ घंटे बाद सभी को रिहा कर दिया गया।

कांग्रेस सांसद संसद परिसर से मार्च करते हुए प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़े, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कई नेताओं को मंदिर मार्ग थाने और कुछ को छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया। बाद में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी हिरासत में लिए गए नेताओं से मिलने मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं।

प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई पर जवाब देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि सरकार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं चाहती और युवाओं की आवाज को दबाया जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।

हालांकि, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने राहुल गांधी को भरोसा दिया था कि वह संसद में NEET पेपर लीक और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। उनके अनुसार, पहले राहुल गांधी ने केवल चर्चा की मांग की थी, लेकिन बाद में उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की अतिरिक्त मांग जोड़ दी। जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने पहले रुख से पीछे हट गए।

कांग्रेस ने इस दावे का कड़ा विरोध किया। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार यह तय नहीं कर सकती कि विपक्ष कौन-सी मांग उठाएगा। उन्होंने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए सरकार से बिना शर्त माफी की मांग की और आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया।

उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक में पहली बार NEET पेपर लीक मामले पर टिप्पणी की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई की, आरोपियों को गिरफ्तार किया और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए दोबारा परीक्षा कराई। उन्होंने पेपर लीक को युवाओं के भविष्य के साथ “घोर पाप” बताते हुए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कही।

इधर, जंतर-मंतर पर CJP का आंदोलन लगातार जारी है। संगठन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। संसद से लेकर सड़क तक जारी इस टकराव के बीच NEET पेपर लीक का मुद्दा देश की राजनीति के केंद्र में बना हुआ है।