जिला पंचायत अध्यक्ष अब बनेंगे प्रशासक, चुनाव तक संभालेंगे जिम्मेदारी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने जिला पंचायतों के संचालन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने तय किया है कि जिला पंचायत अध्यक्षों को ही उनकी संबंधित जिला पंचायतों का प्रशासक (Administrator) नियुक्त किया जाएगा। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक नए जिला पंचायत चुनाव संपन्न नहीं हो जाते।

सरकार के इस फैसले के तहत मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद भी प्रशासक के रूप में जिला पंचायत के दैनिक प्रशासन, विकास कार्यों और वित्तीय गतिविधियों की निगरानी करेंगे। इससे चुनाव होने तक जिला पंचायतों के कामकाज में किसी प्रकार का प्रशासनिक शून्य नहीं रहेगा।

बताया जा रहा है कि पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक तैयारियों के कारण चुनाव में देरी की संभावना है। इसी को देखते हुए सरकार ने अंतरिम व्यवस्था के रूप में प्रशासकों की नियुक्ति का निर्णय लिया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय केवल प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है ताकि विकास योजनाएं, भुगतान और अन्य आवश्यक कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सकें। चुनाव की नई तिथि घोषित होने के बाद नियमित रूप से निर्वाचित प्रतिनिधि कार्यभार संभालेंगे।

प्रदेश सरकार जल्द ही इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर सकती है। पंचायत चुनाव की तारीखों और आरक्षण प्रक्रिया को लेकर भी जल्द स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।