घोटाले की खबर लीक होने के बाद राफेल डील केस फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

फ्रांस से लड़ाकू विमान राफेल की खरीद में भ्रष्टाचार मामले में लीक की खबर आने के बाद फिर से सवाल उठने शुरू हो गए हैं। फ्रांसीसी पोर्टल के दावे को लेकर मामला एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया हैं। शीर्ष अदालत में दी गई याचिका पर दो हफ्ते बाद सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा कि अदालत इस मामले पर तत्काल सुनवाई करेगी।
एडवोकेट एमएल शर्मा ने फ्रांसीसी पोर्टल के दावे पर याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट से स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। याचिका में सौदे को रद्द करने और जुर्माने के साथ सारी रकम वसूलने की मांग की गई है।
बता दें कि हाल ही में फ्रांसीसी पोर्टल ने दावा किया कि राफेल बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट को भारत में एक बिचौलिये को करीब 8 करोड़ 62 लाख रुपये ‘बतौर उपहार’ देने पड़े थे। याचिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र और सीबीआई को भी पक्षकार बनाया गया है। दसॉल्ट एविएशन ने पहले ही आरोपों का खंडन कर कहा कि सौदे में कोई अनियमितता नहीं हुई।
इससे पहले भी मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। करीब दो साल पहले राफेल खरीद में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर बवाल के बीच सुप्रीम कोर्ट ने अदालत की निगरानी में राफेल डील की जांच की मांग से जुड़ी सभी याचिकाएं खारिज कर दी थीं। 14 दिसंबर, 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने इस सौदे की प्रक्रिया और पार्टनर चुनाव में किसी तरह की धांधली के आरोपों को नकार दिया था।
कांग्रेस का फिर हमला
फ्रांस से रिपोर्ट लीक होने के बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने राफेल खरीद में भ्रष्टाचार को लेकर मोदी सरकार पर फिर हमला बोला। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने हमला बोलते हुए कहा था कि पूरा लेन-देन को गिफ्ट टू क्लाइंट की तरह है। अगर ये मॉडल बनाने के पैसे थे, तो इसे गिफ्ट क्यों कहा गया? क्या ये गुप्त लेनदेन का हिस्सा था। सच्चाई सबके सामने आ गई। ये हम नहीं, बल्कि फ्रांस की एक एजेंसी कह रही है।