Volume 7 Issue 10 Archives | Tehelka Hindi — Tehelka Hindi

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तालाब से बदला ताना-बाना

मध्यप्रदेश के मालवा में एक बहुत पुरानी कहावत आज भी लोकप्रिय है – ‘पग-पग रोटी, डग-डग नीर.’ लेकिन आज उसी मालवा के ज्यादातर इलाके बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. हालात इतने बिगड़ गए हैं कि मालवा के एक कस्बे में पानी को माफियाओं से बचाने के लिए चंबल  

सोनचांद बस्तरवाली उड़नपरी

छत्तीसगढ़ का बस्तर इलाका देश-दुनिया में अक्सर सुर्खियों में रहता है. माओवादियों की मांद के कारण. पुलिसिया कार्रवाई के कारण. और इन दोनों के बीच के समीकरण साधने की राजनीति के कारण. उसी बस्तर के बकावड़ जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूरी पर बसे एक गांव की रहनेवाली सोनबारी  

महिलाएं और न्यायिक सुधार

अरुणा शानबाग को इच्छामृत्यु देने का मामला जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो न्यायाधीश भी असमंजस में पड़ गए. जानते हैं कुछ ऐसे ही मामले को, जहां महिलाओं ने न्याय व्यवस्था पर सवाल खडे़ किए और महत्वपूर्ण बदलाव लाने में सफल रहीं  

किसकी इच्छा से मृत्यु

42 साल तक अचेतावस्था में रहने के बाद मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल में बलात्कार की शिकार अरुणा शानबाग की मौत से देश में एक बार फिर ‘यूथनेशिया’ यानी ‘इच्छा मृत्यु’ पर बहस छिड़ गई है. भारतीय संविधान सभी नागरिकों को ‘सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार’ देता है. ऐसे में क्या सालों से निष्चेष्ट पड़े इंसान को ऐसे जीवन को खत्म करने का अधिकार नहीं होना चाहिए? इस मुद्दे से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर दीप्ति श्रीराम और दीपा फिलिप...  

किसकी इच्छा से मृत्यु

सरकार और विभिन्न धर्म ‘लिविंग डेड’ के बारे में समान रूप से अनिश्चितताओं से घिरे हैं. इनके बीच एक समानता देख सकते हैं, वो ये है कि कैसे दोनों कुछ ‘विशेष’ लोगों को अपनी मृत्यु का अधिकार चुनने की आजादी दे रहे हैं. सरकार द्वारा जंग के मैदान में भेजे  

उपेक्षा का दर्द

आजादी के आंदोलन का महत्वपूर्ण केंद्र रहा लखनऊ का रिफह-ए-आम क्लब फिलहाल अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है  

सरकार का लेखा-जोखा

 बीते 12 महीने में 18 देशों की यात्रा विदेशी यात्रा के दौरान 53 दिन बिताए  यात्रा पर कुल खर्चः 317 करोड़ रुपये 57 द्विपक्षीय और 5 बहुपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर हुए अर्थव्यस्था 16 मई 2014 को शेयर सूचकांक 22,702 17 मई 2015 को शेयर सूचकांक 27,234 मई 2014 में मुद्रास्फीति  

विकास का चेहरा या सिर्फ मुखौटा!

‘मैं नरेंद्र दामोदरदास मोदी ईश्वर की शपथ लेता हूं… 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री के रूप में शुरू हुई नरेंद्र मोदी की इस पारी के लिए काफी समय से जमीन तैयार की जा रही थी. इसके लिए 2014 में हुए लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज करने के लिए हरसंभव दांव  

फिर बारूद पर बस्तर

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर गृह युद्ध जैसी स्थितियां बनती नजर आ रही हैं. उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद बंद किया गया ‘सलवा जुडूम’ एक बार फिर एक नए नाम से शुरू करने का शंखनाद कर दिया गया है. महेंद्र कर्मा के परिवार समेत सलवा जुडूम के पुराने नेता  

‘मन की पहली परत वही थी कि कम उमर में शादी ठीक होवे है’

कुछ दिन पहले दो इत्तेफाक एक साथ हुए. पहला इत्तेफाक यह कि दिल्ली से जिस ट्रेन से वर्धा के लिए वापसी थी, उसी ट्रेन में 2 साल पहले बिल्कुल वही कोच और सीट मिली थी. वापसी के लिए जब टिकट कन्फर्म हुआ था तो इस इत्तेफाक को महसूस करना अच्छा