Volume 6 Issue 22 Archives | Tehelka Hindi — Tehelka Hindi

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‘अस्मिता के प्रश्न, जीवन के मूलभूत प्रश्नों के लिए रोड़ा बनते हैं’

आप की मूल पहचान कवियत्री के रूप में है. लेकिन आपने अन्य विधाओं में भी रचना की है. विभिन्न विधाओं के रचनाकर्म में क्या फर्क देखती हैं? यूं तो सारी विधाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं. हर विधा का अपना मूल स्वभाव होता है. लेकिन सबके भीतर कहीं न कहीं  

डल में कमल

हाल के दिनों में कश्मीर के पूर्व पृथकतावादी नेता सज्जाद लोन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात बड़ी चर्चा में रही. लोन कश्मीर के उन पृथकतावादियों में से रहे हैं जिन्हें भाजपा कुछ समय पहले तक देशद्रोही और पाकिस्तानी एजेंट जैसे विशेषणों से नवाजती रही है. इनसे मिलना और चाय-पानी  

एक अनार,  अनगिनत बीमार

झारखंड में यह पहली बार है जब भाजपा और झामुमो के साथ इतने गुट व गठबंधन एक दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं लेकिन बिना किसी ठोस चुनावी एजेंडे के  

उपद्रव की उपकथा

दीपावली के बाद दिल्ली के त्रिलोकपुरी में हुए सांप्रदायिक उपद्रव की पड़ताल बताती है यह तात्कालिक घटनाओं का परिणाम नहीं था  

‘ग्रीन पीस का हर अभियान देशहित में है’

बातचीत की शुरुआत आईबी की उस बहुचर्चित रिपोर्ट से करते हैं जिसमें ग्रीनपीस को राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त बताया गया है. क्या आप उस विवाद को निपटाने के लिए यहां आए हैं? इस यात्रा का एक मकसद सरकार और सविल सोसाइटी के साथ अपने संबंधों को परखना और उसे नए  

मोदी से मुठभेड़ की तैयारी

2017 के विधानसभा चुनावों में अभी कुछ वक्त है लेकिन उत्तर प्रदेश में सिर उठा रही नई राजनीतिक स्थितियों के मद्देनजर समाजवादी पार्टी ने अपने संगठन के भीतर आमूल परिवर्तन की शुरुआत की है. पार्टी आम जनता के बीच सरकार की सकारात्मक छवि बनाने और सबकी भागीदारी सुनिश्चित करने की  

रहेगा नरेगा?

साल 2005 में जब महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) कानून बनकर जमीन पर उतरी, तो इसके बारे में सुनकर दिल्ली, गुड़गांव और नोएडा जैसे कई छोटे बड़े शहरों में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले बहुत से लोग वापस अपने गांव लौटने लगेे. इसकी वजह यह थी कि इस कानून  

मांझी के बोलः महत्वाकांक्षा या रणनीति?

जीतन राम मांझी के विवादित बयानों से जदयू के भीतर जो दरार दिख रही है उसकी असलियत क्या है?  

‘महाराष्ट्र-हरियाणा की तर्ज पर हम दिल्ली में भी बिना किसी चेहरे के चुनाव लड़ेंगे’

दिल्ली के प्रस्तावित विधानसभा चुनावों में भाजपा की रणनीति, उसकी चुनौतियां और खुद के साथ जुड़े विवादों का जवाब दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय, अतुल चौरसिया को दे रहे हैं