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शादी के बिना भी साथ रह सकते हैं बालिग़ जोड़े: अदालत

सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि अगर लड़का बालिग है तो वह बालिग लड़की के साथ बिना शादी के लिव इन रिलेशन में रह सकता है। अदालत ने यह व्यवस्था केरल की एक दंपत्ति की याचिका पर दी। जस्टिस एके सिकरी और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने  

इस सप्ताह के अंत तक सुलझ सकती है सर्वोच्च न्यायालय की दुविधा

सर्वोच्च न्यायालय दुविधा से अभी पूरी तरह उबर नहीं पाया है हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि इस सप्ताह के भीतर सब कुछ समान्य जायेगा । जहाँ अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने आज कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि उच्चतम न्यायालय में संकट अभी सुलझा नहीं है,  

बीसीआई की 7-सदस्यीय टीम सर्वोच्च न्यायालय के जजों से मिलेगी

बार कॉउन्सिल ऑफ़ इंडिया (बीसीआई) ने शनिवार सर्वोच्च न्यायालय में वर्तमान संकट पर चर्चा के लिए पांच वरिष्ठ न्यायाधीशों को छोड़कर सर्वोच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीशों से मिलने के लिए सात सदस्यीय टीम बनाई। इस टीम ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें कहा गया कि किसी भी राजनैतिक दल या  

अब आधार को विभिन्न योजनाओं से 31 मार्च 2018  तक जोड़ा जा सकता है

अब आपको आधार को विभिन्न सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं से अनिवार्य रूप से जोड़ने के लिए और समय मिल गया है क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने इसकी समयसीमा अगले साल 31 मार्च तक के लिए बढ़ा दी। रिपोर्ट के मुताबिक़ प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ  

समान नागरिक संहिता : एक देश एक कानून

हाल ही में केंद्र सरकार ने विधि आयोग को पत्र लिखकर समान नागरिक संहिता (यूनीफाॅर्म/कॉमन सिविल कोड) यानी सभी के लिए एक जैसे कानून पर सुझाव मांगा है. अक्टूबर 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से अपना रुख साफ करने को कहा था. इसके  

‘नई पार्टी का गठन रमन सिंह के गांव में इसलिए किया ताकि शेर की मांद में घुसकर उसका शिकार करूं’

तीस साल आपने कांग्रेस में बिताए फिर अचानक से पार्टी से मोहभंग होने का क्या कारण रहा? किसी से कोई मोहभंग नहीं है. दो भावनात्मक कारणों से मैंने नया दल या नई राह पर चलने का फैसला किया. पहला कारण यह कि मुझे लगता है कि एक बेहद गरीब आदिवासी  

अरुणाचल प्रदेश विवाद

क्या है मसला? सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई को अपने फैसले में अरुणाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार को बहाल करने का आदेश दिया. जनवरी 2016 को प्रदेश की तत्कालीन नबाम तुकी सरकार के गिरने के लिए जिम्मेदार राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा के सभी फैसलों को रद्द करते हुए अदालत ने  

‘वॉट्सऐप या मेल पर तलाक कैसे दे सकते हैं? क्या अल्लाह बैठकर वॉट्सऐप चेक कर रहे हैं कि किसने किसे क्या भेजा है?’

तकरीबन सारी दुनिया में, जिसमें मुस्लिम देश भी शामिल हैं, तीन तलाक का मौजूदा स्वरूप समाप्त हो चुका है. मेरा तो मानना है कि मुल्क में महिलाओं के लिए बराबर का अधिकार होना चाहिए. उनके लिए सक्रिय कानून होने चाहिए, जो एक स्तर पर हैं भी कि अगर आप चाहें  

जब कुरान तीन तलाक की इजाजत नहीं देता तो पर्सनल लॉ बोर्ड कौन होता है इसकी पैरवी करने वाला : ज़किया सोमन

बीएमएमए द्वारा प्रधानमंत्री को तीन तलाक पर बैन लगाने को लेकर पत्र लिखा गया था? हां, पर उस पत्र में सिर्फ तीन तलाक की बात नहीं है बल्कि मुस्लिम फैमिली लॉ को विधिवत करने की बात है, उसमें सुधार लाने की जरूरत है तो ये सुधार क्या होंगे ये हमने  

‘मुस्लिम पर्सनल लॉ में दखल नहीं होना चाहिए’

इस्लाम में तलाक का जो तरीका बताया गया है उसमें यह नहीं है कि एक बार में तीन तलाक दिया जाए. ये एक बार में तीन तलाक देने का जो तरीका लोगों ने अपना लिया है वह इस्लाम की शिक्षाओं और कुरान की हिदायतों के बिल्कुल खिलाफ है. इस्लाम ये