Supreme Court Archives | Tehelka Hindi — Tehelka Hindi

Post Tagged with: "Supreme Court"

समान नागरिक संहिता : एक देश एक कानून

हाल ही में केंद्र सरकार ने विधि आयोग को पत्र लिखकर समान नागरिक संहिता (यूनीफाॅर्म/कॉमन सिविल कोड) यानी सभी के लिए एक जैसे कानून पर सुझाव मांगा है. अक्टूबर 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से अपना रुख साफ करने को कहा था. इसके  

‘नई पार्टी का गठन रमन सिंह के गांव में इसलिए किया ताकि शेर की मांद में घुसकर उसका शिकार करूं’

तीस साल आपने कांग्रेस में बिताए फिर अचानक से पार्टी से मोहभंग होने का क्या कारण रहा? किसी से कोई मोहभंग नहीं है. दो भावनात्मक कारणों से मैंने नया दल या नई राह पर चलने का फैसला किया. पहला कारण यह कि मुझे लगता है कि एक बेहद गरीब आदिवासी  

अरुणाचल प्रदेश विवाद

क्या है मसला? सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई को अपने फैसले में अरुणाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार को बहाल करने का आदेश दिया. जनवरी 2016 को प्रदेश की तत्कालीन नबाम तुकी सरकार के गिरने के लिए जिम्मेदार राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा के सभी फैसलों को रद्द करते हुए अदालत ने  

‘वॉट्सऐप या मेल पर तलाक कैसे दे सकते हैं? क्या अल्लाह बैठकर वॉट्सऐप चेक कर रहे हैं कि किसने किसे क्या भेजा है?’

तकरीबन सारी दुनिया में, जिसमें मुस्लिम देश भी शामिल हैं, तीन तलाक का मौजूदा स्वरूप समाप्त हो चुका है. मेरा तो मानना है कि मुल्क में महिलाओं के लिए बराबर का अधिकार होना चाहिए. उनके लिए सक्रिय कानून होने चाहिए, जो एक स्तर पर हैं भी कि अगर आप चाहें  

जब कुरान तीन तलाक की इजाजत नहीं देता तो पर्सनल लॉ बोर्ड कौन होता है इसकी पैरवी करने वाला : ज़किया सोमन

बीएमएमए द्वारा प्रधानमंत्री को तीन तलाक पर बैन लगाने को लेकर पत्र लिखा गया था? हां, पर उस पत्र में सिर्फ तीन तलाक की बात नहीं है बल्कि मुस्लिम फैमिली लॉ को विधिवत करने की बात है, उसमें सुधार लाने की जरूरत है तो ये सुधार क्या होंगे ये हमने  

‘मुस्लिम पर्सनल लॉ में दखल नहीं होना चाहिए’

इस्लाम में तलाक का जो तरीका बताया गया है उसमें यह नहीं है कि एक बार में तीन तलाक दिया जाए. ये एक बार में तीन तलाक देने का जो तरीका लोगों ने अपना लिया है वह इस्लाम की शिक्षाओं और कुरान की हिदायतों के बिल्कुल खिलाफ है. इस्लाम ये  

‘दुर्भाग्य से हमारे पास इतनी पावर नहीं है कि हम किसी की गिरफ्तारी की सिफारिश कर सकें या किसी को नोटिस भेजकर यहां आने पर मजबूर कर सकें’

सोशल मीडिया पर प्रतिष्ठित महिलाओं के साथ गाली-गलौज की जाती है, मारने या बलात्कार करने की धमकियां दी जाती हैं. क्या महिला आयोग इस पर संज्ञान लेकर कोई कार्रवाई कर रहा है? यह महिलाओं की गरिमा का अपमान है. कार्रवाई तो हम कुछ नहीं कर सकते. स्वत: संज्ञान भी हम  

फांसी का समाजशास्त्र

आम कहावत है कि कानून सिर्फ गरीबों के लिए होता है. दिल्ली स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की हालिया रिपोर्ट इस मामूली कहावत की तस्दीक करती है जिसमें कहा गया है कि मौत की सजा पाने वाले तीन चौथाई लोग वंचित, सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े और धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय से आते  

निर्भया फंड का इस्तेमाल न होने पर केंद्र को फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म की शिकार महिलाओं की सहायता व पुनर्वास के लिए बने निर्भया फंड का इस्तेमाल नहीं होने पर केंद्र और राज्य सरकारों को फटकार लगाई है. कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है. न्यायमूर्ति पीसी पंत और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़  

नीट पर विवाद खत्म

क्या है विवाद? डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए पूरे देश में एक ही प्रवेश परीक्षा को लेकर हुआ विवाद अब खत्म हो गया है. राष्ट्रपति ने इस आशय की अधिसूचना पर हस्ताक्षर करके राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) को एक साल तक लागू न करने के केंद्र सरकार के