Issue 22 Volume 9 Archives | Tehelka Hindi — Tehelka Hindi

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हिन्दी कहानी की निरंतर यात्रा

कथा और कहानी का विस्तार ज्यों-ज्यों आकार लेता गया त्यों-त्यों कहानी के शिल्प की बुनावट बदलती गई। कहानी के विषय बदले और कहानी में सघनता, प्रभाव की बात महत्वपूर्ण हो गई। कहानी सन 70 के बाद वैश्विक समस्याओं से ही नहीं जूझती बल्कि अकेलेपन और नगरीय जीवन की बहस में  

भारत में आहार की नीति और राजनीति

भूख है तो सब्र कर, रोटी नहीं तो क्या हुआ आजकल दिल्ली में है ज़ेर-ए-बहस ये मुद्दा - कवि दुष्यंत कुमार आहार और भूख महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिनकी विकसित हो रहे देश में चर्चा होती है। 70 साल से आज़ाद देश भारत की क्या स्थिति है उसे यदि ‘ग्लोबल हंगर