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खत्म होगी आठवीं तक फेल न करने की नीति

लंबे इंतजार के बाद आखिरकार केंद्र सरकार ने संकेत दे दिए हैं कि नई शिक्षा नीति का स्वरूप कैसा होगा. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मसौदे के अहम बिंदु सरकार द्वारा जारी कर दिए गए हैं. हालांकि केंद्र सरकार के ट्विटर हैंडल माईगव इंडिया पर मसौदा जारी करते हुए यह साफ  

पटना आर्ट कॉलेज में अराजकता

टाॅपर की फैक्ट्री सरीखा काॅलेज चलाने वाले बच्चा राय जेल में हैं. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पूर्व प्रमुख लालकेश्वर प्रसाद भी जेल में हैं. उनकी पत्नी पूर्व विधायक उषा सिन्हा भी जेल में हैं. इन सबके साथ अटपटे तरीके से बिहार में इंटर की टाॅपर रही रूबी राय भी  

बातचीत के दौरान वर पक्ष को जब ये पता चला कि हमारा कोई बेटा नहीं तो उन्होंने फोन उठाना ही बंद कर दिया…

एक साथ दो तरह की दुनिया में जीने के लिए मैं अभिशप्त हूं. एक विवाह से पहले की दुनिया, जहां मेरा जन्म हुआ, पढ़ाई-लिखाई के साथ मेरा बचपन बीता और दूसरी यानी विवाह के बाद की दुनिया. मेरा जन्म उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के एक छोटे-से कस्बे बहेड़ी में  

यह दुनिया 100 प्रतिशत अंक पाने  वालों से नहीं चल रही है…

मध्य प्रदेश के सागर जिले के गेहुंरास गांव के 15 साल के प्रवीण रजक ने मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के तहत 10वीं की परीक्षा दी थी. 16 मई को परीक्षा के परिणाम आए. प्रवीण गणित में पास नहीं हो पाया जबकि उसके सभी दोस्त पास हो गए थे. वह  

पढ़ाई नहीं कमाई का जरिया बनते शिक्षण संस्थान

तमिलनाडु में शिक्षा के निजीकरण की शुरुआत 80 के दशक में तब हुई जब एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) राज्य के मुख्यमंत्री थे. यह देखते हुए कि ग्रामीण नशे के अभिशाप से व्यापक तौर पर प्रभावित हो रहे हैं, एमजीआर ने ताड़ी के उत्पादन, खरीद तथा उपभोग पर पाबंदी लगा दी जबकि  

असंतुलन बढ़ाएगी स्मार्ट सिटी

जिस देश की 26 प्रतिशत यानी 31 करोड़ से ज्यादा की आबादी अनपढ़ हो, जिस देश में सात करोड़ से ज्यादा लोग बेघर हों, जिस देश के शहरों में नौ करोड़ से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ी में रहते हों, जिस देश में सबसे ज्यादा भुखमरी हो और 20 करोड़ लोग रोज भूखे  

मेरा सुधार मां के जीवन की सबसे बड़ी चुनौती थी…

‘एैसेई मरता-मारता फिरता रै कर पूरा दिन. तुझै सरम तो बिल्कुल रई नाय. जब देखो तब कोई न कोई तेरी शिकायत ई लिए खड़ी रैवै है. मैं तो छक गई तुझसै. इससै तो अच्छा था पैदा होते ई तेरा टैंटवा दबा देती’ मां मुझे देखते ही ऐसे ही अक्सर चिल्लाया  

गए गुरुजी काम से

गया वह ज़माना जब शिक्षक पढ़ाया करते थे. अब उन्हें छत्तीस सरकारी कामों के लिए नौकरी पर रखा जाता है.