सांप्रदायिकता Archives | Tehelka Hindi — Tehelka Hindi

Post Tagged with: "सांप्रदायिकता"

कैराना के मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है : हुकुम सिंह

आपने अपने क्षेत्र कैराना के बारे में यह मसला उठाया था कि वहां से पलायन हो रहा है. असलियत क्या है? आपको मौका लगे तो कैराना विजिट कर लीजिए. कैराना अब किसी भले आदमी के रहने लायक रहा नहीं. परिस्थिति जैसी उभर कर आ रही है, मौके पर उससे ज्यादा  

सरकार को चाहिए कि आहत भावनाओं का एक आयोग बनाए- नाकोहस यानी नेशनल कमीशन फॉर हर्ट सेंटिमेंट्स! : पुरुषोत्तम अग्रवाल

आपके उपन्यास नाकोहस (नेशनल कमीशन फॉर हर्ट सेंटिमेंट्स) की खूब चर्चा हुई. मौजूदा परिवेश में बात कहते ही आहत होती भावनाओं से व्याप्त डर और अराजक माहौल के चलते उपन्यास शायद ज्यादा प्रासंगिक हो गया है. आपका क्या अनुभव रहा? यह सही है कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य के चलते उपन्यास  

हिंदुत्व के नए ठेकेदार

गाजियाबाद के डासना में एक प्रसिद्ध देवी मंदिर है. मंदिर के प्रवेशद्वार पर टंगे बोर्ड को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. बोर्ड पर साफ लिखा है, ‘मंदिर में मुसलमानों का प्रवेश वर्जित है.’ मंदिर के अंदर एक किशोर लगभग दस साल के बच्चे को बुरी तरह पीट रहा है. बच्चा  

सांप्रदायिक दंगे और उनका इलाज

भारतवर्ष की दशा इस समय बड़ी दयनीय है. एक धर्म के अनुयायी दूसरे धर्म के अनुयायियों के जानी दुश्मन हैं. अब तो एक धर्म का होना ही दूसरे धर्म का कट्टर शत्रु होना है. यदि इस बात का अभी यकीन न हो तो लाहौर के ताजा दंगे ही देख लें.  

‘पुरस्कार लौटाकर खामोशी तोड़ने की कोशिश’

कुछ लोग पुरस्कार लौटाने में राजनीति देख रहे हैं, लेकिन वैसा बिल्कुल नहीं है. पुरस्कार लौटाना राजनीति करने का मसला नहीं है, बल्कि यह उस खामोशी को तोड़ने का एक प्रयास था जो लगातार लेखकों पर हो रहे हमले के बावजूद पसरी हुई थी. अपने विचार व्यक्त करने के लिए  

योगी  आदित्यनाथ

देश की नरेंद्र मोदी से अपेक्षाएं और योगी आदित्यनाथ का इतिहास आपस में मेल नहीं खाते  

राजनीति में कितनी संस्कृति?

राजनीति और साहित्य के बीच घटती इस दूरी का, लोकतंत्र के महापर्व में वास्तविक संस्कृति की अनुपस्थिति का खामियाजा सिर्फ लेखकों और संस्कृतिकर्मियों को नहीं, पूरे समाज को भुगतना पड़ेगा