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आवारा भीड़ के खतरे : हरिशंकर परसाई

एक अंतरंग गोष्ठी सी हो रही थी युवा असंतोष पर. इलाहाबाद के लक्ष्मीकांत वर्मा ने बताया- पिछली दीपावली पर एक साड़ी की दुकान पर कांच के केस में सुंदर माॅडल खड़ी थी. एक युवक ने एकाएक पत्थर उठाकर उस पर दे मारा. कांच टूट गया. आसपास के लोगों ने पूछा  

‘बहुत बड़ा सिर दर्द है, यह सिरदर्द भी’

‘सिर दर्द स्वयं में एक बीमारी नहीं हो, ऐसा भी संभव है. सिर दर्द किसी और बीमारी का लक्षण भी हो सकता है’  

‘भूख न लगे, तो कारण पचासों !’

‘डॉक्टर साहब, मुझे भूख क्यों नहीं लगती?’, इस प्रश्न के दसों उत्तर हो सकते हैं. एक साहब तो यही पूछने लगे कि खाना खाने के बाद मुझे भूख लगती ही नहीं- क्या करूं? याद रहे कि यदि पेट पहले ही खुशी, विषाद, चिंता या खाने से भरा हो, तो भूख