भाजपा Archives | Tehelka Hindi — Tehelka Hindi

Post Tagged with: "भाजपा"

राजस्थान में किसानों की जीत आंदोलन में किसानों के साथ मज़दूर, व्यापारी और छात्र भी शामिल

राजस्थान के सीकर क्षेत्र मेें किसान आंदोलन ने वह कर दिखाया जिसकी उम्मीद भी किसी को नहीं थी। आज ऐसा समय है जब पूंजीवादी अर्थव्यवस्था को फलने-फूलने का अवसर देने के लिए सरकारों के बीच जैसे होड़ लग गई है। मनमोहन सिंह की सरकार ने पूंजीपतियों के हक में जो  

बिहार : शराबबंदी की सनक?

‘मैं बर्बाद हो जाऊंगा मगर शराबबंदी से समझौता नहीं करूंगा. विपक्ष कहता है कि मैं शराबबंदी के नशे में हूं. हां, मुझ पर शराबबंदी का नशा है. जो पिए बिना नहीं रह सकते, वे कहीं और चले जाएं. क्योंकि अब बिहार में शराब पीने की गुंजाइश नहीं है. जिन्हें जितना  

गणतंत्र का गुड़गोबर

भोलेपन के पर्याय के रूप में मशहूर बेचारी गाय को पता भी नहीं होगा कि देश की सड़कों पर उसकी सुरक्षा के बहाने उपद्रव हो रहे हैं, तो भारतीय संसद में बहस में भी हुई. गाय को यह भी नहीं पता होगा कि उसका नाम अब सियासी गलियारे में मोटे-मोटे  

27 साल का वनवास, दिल्ली की शीला से आस

पिछले महीने की 17 जुलाई को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हल्की बौछार पड़ रही थी. कांग्रेस पार्टी ने इस दिन राजधानी में एक रोड शो का आयोजन किया था. अगले विधानसभा चुनावों में शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने के बाद एक तरह से यह पार्टी  

अखंड भारत के लिए आवश्यक है अखंड उदारता

अच्छे सपने देखना अच्छी बात है. मानव समाज सपनों से खाली नहीं हो सकता. सपने हमें जीने का हौसला देते हैं. लेकिन रात और दिन में देखे गए सपनों में बड़ा अंतर होता है. रात के सपने सिर्फ कल्पनालोक को आलोकित करते रहते हैं जबकि दिन में देखे गए सपने  

एकीकरण यूटोपिया है, जो संभव नहीं

हिंदुस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश को एक कर देने का विचार एक यूटोपिया है जो कि संभव नहीं है. यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अपना एजेंडा है जो आजादी के बहुत पहले से चल रहा है. वे मिथ और इतिहास को मिला देते हैं. इसकी वजह से ही वे इतिहास को  

आम जनता की मांग नहीं है एकीकरण

भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के एकीकरण की मांग में कोई गंभीरता नहीं है. आपने कहा कि लोहिया भी इस तरह की मांग करते थे लेकिन उनको मरे हुए भी 50 साल हो गए हैं. मैं भी राजनीतिक वातावरण देखता हूं. मुझे नहीं लगता कि यहां या पाकिस्तान में ऐसी कोई  

अखंड भारत का सिद्धांत पूरी तरह से सांस्कृतिक विचार है

एकः शब्दः सम्यक् ज्ञात सुप्रयुक्त, र्स्वगलोके कामधुग्भवति यानी सही समय और सही जगह पर प्रयोग किया गया एक शब्द भी जीवनपर्यंत और उसके बाद भी उपयोगी होता है. पतंजलि का यह सूत्र अखंड भारत पर मेरे दिए गए बयान पर हुए विवाद के लिए पूरी तरह से उपयुक्त है. एक  

हम जिसकी पूजा करते हैं उसी को ये बूचड़खाने में काट देते हैं तो तनाव तो पैदा होगा ही : विनय कटियार

उत्तर प्रदेश में भाजपा के पराभव के क्या कारण रहे और इस बार अलग क्या है? एक बार सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश में भाजपा के पराभव का कारण कल्याण सिंह का पार्टी छोड़कर जाना था. इस कारण प्रदेश की पिछड़ी खासकर लोध जातियों ने पार्टी का साथ छोड़  

पेरुमल मुरुगन : एक फैसले की कहानी

‘यह चिंता का विषय है कि एक विकसित होते समाज के रूप में हमारी सहिष्णुता का स्तर नीचे जाता प्रतीत हो रहा है. किसी भी विपरीत विचार या सामाजिक सोच को समय-समय पर धमकियों और हिंसक बर्ताव का सामना करना पड़ता है. सामाजिक रीति-रिवाजों पर लोगों के भिन्न-भिन्न विचार होते