बृजेश सिंह Archives | Tehelka Hindi — Tehelka Hindi

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लगातार पांचवें साल ‘तहलका हिंदी’ को मिला रामनाथ गोयनका सम्मान

पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने के लिए दिया जाने वाला ‘रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म’ अवार्ड इस साल कुल 57 पत्रकारों को दिया गया. पुरस्कार वितरण समारोह सोमवार को नई दिल्ली के आईटीसी मौर्या होटल में संपन्न हुआ. समारोह के मुख्य अतिथि वित्त और सूचना प्रसारण मंत्री अरुण  

बेमेल ब्याह और तलाक के हजार बहाने

हर सरकार का एक हनीमून पीरियड होता है. एक ऐसा समय जब नई सरकार के लिए सब कुछ सुखद और गुलाबी होता है. हर व्यक्ति उसे समय देने के लिए तैयार रहता है, कोई खास आलोचना नहीं होती, न ही किसी बड़े चमत्कार की उम्मीद की जाती है. यह किसी भी सरकार के लिए सबसे सुखद और तनावमुक्त समय होता है. लेकिन हर सरकार को मिलनेवाली यह छूट जम्मू कश्मीर की पीडीपी-भाजपा गठबंधन की सरकार को नसीब नहीं हुई....  

बेमेल ब्याह और तलाक के हजार बहाने

हर सरकार का एक हनीमून पीरियड होता है. एक ऐसा समय जब नई सरकार के लिए सब कुछ सुखद और गुलाबी होता है. हर व्यक्ति उसे समय देने के लिए तैयार रहता है, कोई खास आलोचना नहीं होती, न ही किसी बड़े चमत्कार की उम्मीद की जाती है. यह किसी भी सरकार के लिए सबसे सुखद और तनावमुक्त समय होता है. लेकिन हर सरकार को मिलनेवाली यह छूट जम्मू कश्मीर की पीडीपी-भाजपा गठबंधन की सरकार को नसीब नहीं हुई....  

दिल्ली चुनाव: किरण भरोसे भाजपा

मोदी के चेहरे पर एक के बाद एक सुबाई किले फतह करनेवाली भाजपा का आत्मविश्वास दिल्ली में हिला हुआ है. तामझाम के साथ भाजपा का चेहरा बनी किरण बेदी का दांव भी पार्टी को उल्टा पड़ता दिख रहा है  

प्यादों से पिटता वजीर!

लव जेहाद, घर वापसी और नाथूराम गोडसे जैसे मुद्दे सरकार पर हावी होते दिख रहे हैं, लेकिन विकास और सुशासन के नाम पर जनादेश लेकर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस बारे में चुप्पी संदेह पैदा करती है  

अभियानों के अभियान पर

प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी का पिछले पांच महीने का कार्यकाल भारतीय इतिहास के किसी भी दूसरे प्रधानमंत्री से ज्यादा सक्रिय और जीवंत रहा है. इन चंद महीनों में मोदी ने एक ऐसे व्यक्तित्व से देश का साक्षात्कार करवाया है जो अपनी से आधी उम्र के लोगों से भी  

असरदार जोड़ीदार

राजनीति की ऐसी ताकतवर जोड़ियां जो कभी अपनी पार्टी की धुरी बनी रहीं तो कभी पूरी भारतीय राजनीति की.  

नरेंद्र मोदी और अमित शाह

2002 में जब गुजरात में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी तो सबसे कम उम्र के अमित शाह को मोदी ने गृह (राज्य) मंत्री बनाया. सबसे अधिक 10 मंत्रालय उन्हें दे दिए गए. अमित शाह के रसूख में दिन दूनी, रात चौगुनी तरक्की होने की यह सिर्फ शुरुआत भर थी  

सोनिया गांधी और अहमद पटेल

‘एक बार जब मंत्री बनने वालों की सूची राष्ट्रपति के पास भेजी जाने वाली थी तब अहमद पटेल प्रधानमंत्री निवास पहुंचे और उनके कहने पर आखिरी समय में एक नाम बदल दिया गया’  

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस हार के सवा सौ दिन

कुछ समय पहले लोकसभा सत्र के दौरान एक वीडियो के सामने आने पर काफी हो हल्ला मचा था. वीडियो में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सदन में चल रही महंगाई पर चर्चा के दौरान सोते हुए दिखाई दिए. मीडिया और कांग्रेस के आलोचकों ने मामले पर चुटकी लेते हुए कहना शुरू