असहिष्णुता Archives | Tehelka Hindi — Tehelka Hindi

Post Tagged with: "असहिष्णुता"

कसाई की दुकान पर बकरा नहीं पाला जा सकता : मुनव्वर राना

भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश- तीनों मुल्कों के एकीकरण की बात बार-बार उठती है. एकीकरण पर आपका क्या नजरिया है? देखिए, मुल्क भी घर की तरह होते हैं. जब घर में एक बार दीवारें उठ जाती हैं तो टूटती नहीं हैं. इसलिए ये नामुमकिन है कि तीनों मुल्क एक हो जाएंगे.  

#गुंडागर्दी ऑनलाइन

जिस वक्त हम यह योजना बना रहे थे कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों के बारे में जनता को बताया जाए, तभी सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ गई कि अभिनेता दिलीप कुमार की मौत हो गई है. कुछ देर बाद पता चला कि वे लीलावती अस्पताल में सकुशल हैं  

‘अगर लिंग परीक्षण पर सजा का प्रावधान है तो ऐसे मां-बाप को क्यों नहीं दंडित किया जाना चाहिए जो अपने किन्नर बच्चों को कहीं छोड़ आते हैं?’

आपका  ‘थर्ड जेंडर’  यानी किन्नरों की जिंदगी पर आधारित  उपन्यास  ‘नालासोपारा पो. बॉक्स नं. 203’  हाल ही में प्रकाशित हुआ है. किन्नरों की जिंदगी पर उपन्यास लिखने का विचार कहां से आया? इस उपन्यास में खास क्या है? इस उपन्यास में मैंने आजाद भारत में किन्नरों की स्थिति पर प्रकाश  

मोदी, भाजपा या राजनीति तो महज हथियार हैं, राष्ट्रवाद का उन्माद तो पूंजीवादियों को चाहिए : सच्चिदानंद सिन्हा

देश में इन दिनों राष्ट्रवाद का हो-हल्ला कुछ ज्यादा ही मचा हुआ है. आपने इस बारे में सुना और पढ़ा ही होगा लेकिन इस विषय पर कुछ कहा नहीं. क्या सोचते हैं आप? इस विषय को अगर प्रचलित तौर-तरीकों से समझने की कोशिश करेंगे तो पता चलेगा कि यह शब्द  

दो साल की मोदी सरकार, अच्छे दिनों का इंतजार

तीस साल बाद केंद्र में प्रचंड बहुमत से आई मोदी सरकार अपने दो साल पूरे कर रही है. निजी तौर पर नरेंद्र मोदी ने सत्ता की दौड़ में अपने प्रतिद्वंद्वी गठबंधन यूपीए (यूनाइटेड प्रोग्रेसिव एलायंस) को काफी पीछे छोड़ते हुए एनडीए (नेशनल डेेमोक्रेटिक एलायंस) को जबरदस्त बढ़त दिलाई और प्रधानमंत्री  

‘हम मुकदमा जीत गए तो भी मस्जिद निर्माण तब तक नहीं करेंगे, जब तक हिंदू बहुसंख्यक हमारे साथ नहीं आते’

अयोध्या में हाशिम अंसारी को ढूंढना सबसे आसान काम है. किसी भी चौराहे पर खड़े होकर अगर आप उनके घर का पता पूछेंगे तो लोग आपको उनके घर पहुंचा देंगे. कोई उन्हें जिद्दी कहता है तो कोई कहता है बहुत बूढ़े हो गए हैं आराम से बतियाना, लेकिन सारे लोग  

मौन मोदी !

26 मई, 2014 को जब भारत के राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई तब देश एक ऐसे नेता की उम्मीद कर रहा था जो उनके साथ संवाद करे क्योंकि उनके पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह पर अपने कार्यकाल के दौरान मौन रहने का आरोप लगता रहा था. नरेंद्र  

‘देश के सम्मान के लिए आमिर ऑटोरिक्शा वालों को अच्छा व्यवहार करने की सीख देते हैं, उन्हें वैसी ही सीख पत्नी को भी देनी चाहिए’

भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर बिहार चुनाव नतीजों का क्या असर पड़ा? क्या किसी बदलाव के बारे में सोचा जा रहा है? बिहार चुनाव विधानसभा का चुनाव था. भाजपा में एक पूरी प्रक्रिया है जिसके तहत राज्यों से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक हम चुनाव कार्य संपन्न कराते हैं. वह प्रक्रिया  

मंच पर लंपट

इन दिनों देश और धर्म के लिए मुचैटा लेने वालों की भरमार हो गई है. यह वैसा बोलना नहीं है जैसा किसी लोकतांत्रिक समाज में होता है. यह गालियों और धमकियों से लदी भाषा है जो अपने से इतर नजरिया रखने वाले को थप्पड़ मारने के लिए मचल रही है.  

‘अगर आप वोट करने की उम्र से ऊपर हैं और राजनीति को संदेह से देखते हैं तो आपको बच्चों की पेंटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेना चाहिए’

‘अवॉर्ड वापसी’  के चलते आप चर्चा में हैं. लोगों का कहना है कि ऐसा तो हमेशा से होता आया है तो फिर अब ऐसी कौन सी बात हुई है जो एक फिल्मकार इस पर बात कर रहा है. आप इस पर क्या कहेंगे? जब सिख विरोधी दंगे हुए तो उस