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फर्ज का एनकाउंटर
12 जुलाई, 1991 को तत्कालीन उत्तर प्रदेश स्थित नानकमत्था गुरुद्वारे (अब उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में) से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र स्थित...

Other Articles

खेती में लिंगभेद के बीज

स्कूूल के दिनों में हम सबने ‘अपना देश भारत’ या ‘हमारा देश भारत’ विषय पर निबंध जरूर लिखा होगा. यह निबंध एक किस्म के आध्यात्मिक अनुष्ठान की तरह होता था, लिखा ही होगा. जहां तक मुझे याद है इसका एक शुरुआती वक्तव्य होता था- भारत एक कृषि प्रधान देश है.  

सियासी  शराब

बिहार में एक वरिष्ठ पत्रकार हैं जो एक जमाने में लालू यादव के काफी करीबी रहे हैं. शराबबंदी के आदेश के दिन संयोग से उनके साथ ही था. वे एक किस्सा सुनाते हैं. उन दिनों का किस्सा जब लालू यादव का बिहार में नया-नया उभार हो रहा था. उन्हें सत्ता  

मुठभेड़ चाल

सीबीआई कोर्ट ने 25 साल पहले पीलीभीत में हुए 10 सिखों के फर्जी एनकाउंटर में 47 पुलिसकर्मियों को दोषी पाया है. फर्जी एनकाउंटर तो हमारे देश में आम बात है, लेकिन बहुत कम मामले ऐसे हैं जिनमें फर्जी एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों या सैन्यकर्मियों को सजा हुई हो. हो सकता  

तुम्हारे धर्म की क्षय

वैसे तो धर्मों में आपस में मतभेद है. एक पूरब मुंह करके पूजा करने का विधान करता है, तो दूसरा पश्चिम की ओर. एक सिर पर कुछ बाल बढ़ाना चाहता है, तो दूसरा दाढ़ी. एक मूंछ कतरने के लिए कहता है, तो दूसरा मूंछ रखने के लिए. एक जानवर का  

फर्जी एनकाउंटर का खेल जनता को स्वीकार नहीं करना चाहिए

सबसे बड़ी बात यह है कि भारतीय समाज में एनकाउंटर को स्वीकार्यता मिली हुई है. समाज इसे स्वीकार करता है. आप इसे एक उदाहरण से समझिए कि एक मशहूर कांड; भागलपुर का अंखफोड़वा कांड, जिस पर प्रकाश झा ने फिल्म भी बनाई थी वह बहुत ही जघन्य कांड था. बिहार  

फर्ज का एनकाउंटर

12 जुलाई, 1991 को तत्कालीन उत्तर प्रदेश स्थित नानकमत्था गुरुद्वारे (अब उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में) से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र स्थित सिख धर्मस्थलों के दर्शन के लिए चली तीर्थयात्रियों से भरी एक बस अपनी यात्रा पूरी करके वापस लौट रही थी. बस में उस समय 25 लोग  

छत्तीसगढ़ में एक तरफ अमीरों की सेना है, दूसरी तरफ आदिवासी

छत्तीसगढ़ की लड़ाई नक्सलवादियों के खिलाफ कतई नहीं है. यह खनिजों, जंगलों, नदियों पर कब्जे के लिए किया जाने वाला युद्ध है. ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूं कि भारत में आजादी से लेकर आज तक अमीर कंपनियों के लिए सारी जमीनों पर कब्जा पुलिस की लाठी और बंदूकों के  

राजनीति का नया कलाम, ‘जय भीम – लाल सलाम’

जेएनयू में कथित देशविरोधी नारे को लेकर बवाल हुआ तो छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी से पहले उनके भाषण में ‘जय भीम, लाल सलाम’ का नारा शामिल था. उन्होंने अपने भाषण में कहा, ‘जब हम महिलाओं के हक की बात करते हैं तो ये (संघ-भाजपा के लोग) कहते हैं  

क्या घाटी में आईएस के झंडे लहराना आतंक की नई आहट है?

20 साल का अंडरग्रैजुएट छात्र शबीर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का झंडा नहीं फहराता पर वह मास्क पहने हुए उस समूह का हिस्सा है जिसने श्रीनगर की बड़ी मस्जिद के बाहर सुरक्षा बलों पर पत्थर बरसाए थे. वह सड़क के दूसरी ओर खड़े आईएस के झंडे लहराने वाले युवकों  

केन मेरे लिए केदारनाथ की कविताओं की तरह थी, लेकिन उस दिन इस नदी से जुड़े सारे ‘भ्रम’ टूट गए

इस बार दिल्ली में ठंड सिर्फ नाम के लिए आई. फरवरी आते-आते गायब. उस रात हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से ट्रेन पकड़ते वक्त भी ठंड का एहसास नहीं हुआ. यह बुंदेलखंड की मेरी पहली यात्रा थी, जिसका पहला पड़ाव बांदा था. आम तौर पर ट्रेन में घुसते ही मुझे नींद आ