‘हम जनता को गैर भाजपा, गैर कांग्रेस और मजबूत विकल्प देना चाहते हैं’

लोकसभा चुनाव में चार साल हैं, इस बीच बिहार विधानसभा चुनाव में  जदयू और राजद गठबंधन के प्रदर्शन से बहुत कुछ साफ हो जाएगा, अगर इस गठबंधन को जीत मिलती है तो इससे कर्नाटक ही नहीं पूरे देश में जनता परिवार को लेकर बहुत सकारात्मक सोच बनेगी और भाजपा के राजनीतिक दावे कमजोर होंगे.

आपकी अपनी पार्टी में इस विलय पर सहमति है, खासतौर पर आपके बेटे कुमारस्वामी की राय अलग तो नहीं?

नहीं नहीं! पूरी पार्टी हमारे सभी नेता, कार्यकर्ता इस विलय के पक्ष में हैं, कुमारस्वामी की भी जनता परिवार को पूर्ण सहमति है, अगर सब ठीक से हो गया तो कुमारस्वामी जनता परिवार के चुनाव चिह्न के साथ कर्नाटक विधानसभा चुनाव लड़ने को भी तैयार हैं, कर्नाटक की जनता जद (एस) से परिचित है, चुनाव चिह्न बदलने से भी उसके समर्थन में कोई फर्क नहीं पड़नेवाला.

अगले लोकसभा चुनाव में जनता परिवार अगर सरकार बनाने की स्थिति में हो तो प्रधानमंत्री पद को लेकर आपकी क्या राय है?

ये चार साल बाद की बात है, अभी इसपर क्या कहें? मोदी जी के पास अभी चार साल दो महीने का समय है, तब तक बहुत चीजें साफ होंगी, इस सरकार को लेकर जनता का भ्रम भी दूर होगा, जैसे सबसे पहले ये पता चला कि मोदी सरकार कुछ भी हो किसानों की हिमायती पार्टी तो नहीं है. लोकतंत्र में जनमत के आधार पर ही कोई भी पार्टी किसी नेता के हक में बड़े फैसले भी करती है. अगले चुनाव तक जनता फिर अपने अगले नेता को चुन ही लेगी.

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