दिवालिया होने की दहलीज पर ग्रीस | Tehelka Hindi

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दिवालिया होने की दहलीज पर ग्रीस

तहलका ब्यूरो July 6, 2015, Issue 13 Volume 7

greeceग्रीस बीते कुछ सालों से आर्थिक संकट से जूझ रहा है. लगातार संकट गहराने की वजह से कभी दुनिया जीतने का सपना देखने वाला यह देश दिवालिया होने की कगार पर आ खड़ा हुआ है. ग्रीस पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का 11 लाख करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ चुका है. आईएमएफ ने ग्रीस को 12 हजार करोड़ रुपये की पहली किश्त चुकता करने के लिए 30 जून तक की मोहलत दी थी.

आईएमएफ ने ग्रीस के सामने कुछ शर्तें रखी हैं और यदि वह उन शर्तों को नहीं मानता है तो वह यूरोपियन यूनियन और यूरो जोन से बाहर हो सकता है. ग्रीस की लगातार कोशिशों के बाद भी आईएमएफ कर्ज चुकाने की मोहलत बढ़ाने को राजी नहीं हो रहा है. ग्रीस के प्रधानमंत्री एलेक्सिस सिप्रास ने देश के बैंकों को 7 दिन तक बंद रखने का ऐलान किया है. वहां के लोगों को एटीएम से सिर्फ 60 यूरो तक ही निकालने की इजाजत दी गई है. साथ ही सभी विदेशी लेनदेन पर भी पाबंदी लगा दी गई है. आम लोग इस बात से चिंतित हैं कि अगर यूरो को पुरानी करेंसी ड्रैकमा में तब्दील कर दिया गया तो उनकी मुद्रा की कोई कीमत नहीं रह जाएगी.

इधर ग्रीस के कर्ज में डूबने की वजह से भारत सहित हांगकांग और जापान के शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई. जानकारों का मानना है कि ग्रीस में आए इस संकट का भारतीय अर्थव्यवस्था पर लंबी अवधि में कोइ फर्क नहीं पड़ेगा. इस संकट की वजह 1999 में आए भीषण भूकंप को माना जा रहा है. इस भूकंप के बाद 50000 इमारतों का पुनर्निर्माण सरकारी पैसे से कराया गया था. ग्रीस पर 2004 के ओलंपिक खेलों में जरूरत से ज्यादा पैसा खर्च करने के भी आरोप हैं. अगर वह आईएमएफ का कर्ज चुकाने में नाकाम रहा तो उसे 21वीं सदी का पहला डिफॉल्टर देश बनने से कोई नहीं बचा पाएगा. आईएमएफ ने कर्ज चुकाने की मियाद बढ़ाकर 20 जुलाई घोषित की है. डिफॉल्टर घोषित होने पर उसे अपनी पुरानी मुद्रा ड्रैकमा लागू करनी होगी.

(Published in Tehelkahindi Magazine, Volume 7 Issue 13, Dated July 6, 2015)

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