आजमगढ़: आतंक-अमन पर गफलत

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चंद्रपाल सिंह इससे पहले दो फिल्में लॉन्च कर चुके हैं- ‘लकीर का फकीर’ और ‘भूरी’. चंद्रपाल ने ‘लकीर का फकीर’ फिल्म से मॉडल एजाज खान को बड़े परदे पर लॉन्च किया था. उनकी दूसरी फिल्म ‘भूरी’ में रघुवीर यादव, मार्शा पौर, शक्ति कपूर, आदित्य पंचोली, कुनिका सदानंद जैसे कलाकार प्रमुख भूमिका में हैं. फिल्म ग्रामीण भारत पर आधारित है, जिसमें 23 साल की एक युवती की शादी 55 साल के अधेड़ व्यक्ति से कर दी जाती है. वह बेहद खूबसूरत है. अपनी खूबसूरती के कारण उसे तमाम कटु अनुभवों से गुजरना पड़ता है. फिल्म पुरुष प्रधान समाज में एक महिला के उत्पीड़न को बयां करती है. जसबीर भाटी के निर्देशन में बनी यह फिल्म इसी साल रिलीज होनेवाली है.

आजमगढ़ की बात करें तो पाकिस्तानी सिनेमा के पुरोधा सैयद शौकत हुसैन रिजवी भी यहीं से हैं. यहीं से उन्होंने कोलकाता होते हुए लाहौर का सफर तय किया था. फिल्म ‘खानदान’ से उन्होंने 1932 में बॉलीवुड के खतरनाक खलनायकों में से एक प्राण को लॉन्च किया था. इतना ही नहीं ‘क्लोजअप अंतराक्षरी’, ‘सारेगामापा’ जैसे हिट टेलीविजन  म्यूजिकल शो बनानेवाले गजेंद्र सिंह भी यहीं से आते हैं. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राम नरेश यादव और वरिष्ठ राजनीतिज्ञ अमर सिंह भी इसी मिट्टी की देन हैं. इस जिले के इतिहास का यह उजला पक्ष अब धुंधला हो चला  है.

अाजमगढ़ का होने के नाते राजनीतिज्ञ अमर सिंह बतौर प्रमोटर चंद्रपाल सिंह की इस फिल्म से जुड़े हैं. चंद्रपाल अब तक दो फिल्में बना चुके हैं

चंद्रपाल सिंह बताते हैं, ‘यहां के युवा आज विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा काम कर रहे हैं. आजमगढ़ फिल्म से जुड़े अधिकांश युवा भी मेरे गृहनगर आजमगढ़ से हैं और वे बहुत ही प्रतिभावान हैं. ये युवा भी इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर फिल्म बनाने का विचार रखते थे.’ इसके अलावा कुछ साथियों की मदद से चंद्रपाल लखनऊ में एक संस्थान भी चलाते हैं, जहां फिल्म लाइन में काम करनेवाले तमाम युवाओं को इसके तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जाती है. एआरएस मीडिया एंड टेक्नोलॉजी नाम के इस संस्थान में कई तरह के पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं. ‘आजमगढ़’ फिल्म को यही संस्थान प्रोड्यूस कर रहा है.

चंद्रपाल का दावा है कि उन्होंने हजारों युवाओं को बॉलीवुड में काम करने का मौका दिलाया है. उनके अनुसार आजमगढ़, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, बड़हलगंज जिलों के तमाम युवा ट्रेन में भरकर रोजाना मुंबई पहुंचते हैं. इनमें से तमाम हीरो बनने का ख्वाब सहेजे रहते हैं, लेकिन उन्हें ये नहीं पता होता है कि कैसे क्या करना है. एआरएस मीडिया एंड टेक्नोलॉजी संस्थान उनके ख्वाब को हकीकत में बदलने में मदद करता है.

फिल्म में रोल के लिए मनोज बाजपेयी, रघुवीर यादव, मुकेश तिवारी से चंद्रपाल की बातचीत चल रही है. वे बताते हैं कि संवेदनशील विषय होने के कारण कलाकार थोड़ा हिचक रहे हैं, लेकिन उनकी कोशिश जारी है. फिल्म की शूटिंग आजमगढ़ और गोरखपुर जिलों में ही करने की उनकी योजना है. यहां सुरक्षा की आशंका को लेकर भी कलाकारों में फिल्म से जुड़ने के प्रति हिचक है. फिल्म उन्हीं आतंकी और आपराधिक घटनाओं को अपने अंदर समेटेगी, जिसकी वजह से आजमगढ़ बदनाम हो चला है. फिल्म के बारे में इससे ज्यादा बताना चंद्रपाल ने मुनासिब नहीं समझा. गर्मी के बाद फिल्म फ्लोर पर जाएगी.

प्रमोटर के रूप में वरिष्ठ राजनेता अमर सिंह इस फिल्म से जुड़ चुके हैं. अमर  खुद आजमगढ़ के हैं. चंद्रपाल की ‘भूरी’ के प्रीमियर के समय अमर सिंह मुंबई पहुंचे थे. उसी दौरान चंद्रपाल ने उनसे अपनी नई फिल्म के बारे में बातचीत की थी और जिसके बाद उन्होंने फिल्म से जुड़ने की इच्छा जाहिर की थी. फिल्म के ऑडिशन बीते 25 फरवरी से शुरू हो गए हैं. चंद्रपाल सिंह इस फिल्म को बनाने में जुट गए हैं, ताकि आजमगढ़ के उजले पहलू से लोग वाकिफ हों और जिले के दूसरे लोगों को उनकी तरह देश में कहीं भी किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़ा. फिल्म में चंद्रपाल यहां की वह छवि पेश करेंगे, जो धूमिल हो चुकी है.

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