इटली

0
247

Team_Page_15


विश्व रैंकिंग: 9
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनविजेता (1934, 38, 82, 2006)

खास बात
जब मारियो बालोटेली मैदान पर हों तो कब क्या होगा कोई नहीं कह सकता. एसी मिलान की ओर से खेलने वाले इस खिलाड़ी ने इस सीजन में जहां 18 गोल मारे वहीं उसे 15 कार्ड भी मिले (इनमें से 14 यलो और एक रेड कार्ड था). एक बात तो तय है, वे गोलकीपरों और रेफरी दोनों को काफी व्यस्त रखने वाले हैं
नीदरलैंड के साथ-साथ इटली को भी एक ऐसी टीम माना जाता है जो सदाबहार है, यानी जिसकी जीत की संभावनाएं हमेशा रहती हैं. लेकिन हाल के वर्षों में इटली की टीम में सितारों की कमी रही है. हां, वर्ष 2006 में जर्मनी में विश्व कप विजेता बनने वाली टीम के दो खिलाड़ी आंद्रिया पिर्लो और जनलुइजी बफॉन जरूर इस बार भी विश्व कप टीम का हिस्सा हैं. लेकिन इस टीम में ऐसी अनेक खूबियां भी हैं जो आमतौर पर सामने नहीं नजर आतीं. कोच सीजर प्रानडेली की इस टीम के लिए एक शृंखला बनाकर खेलना बीते दिनों की बात हो चुका है. यह वही कोच हंै जिनकी आक्रामक टीम ने वर्ष 2012 के यूरो कप के फाइनल में प्रवेश किया था. हालांकि वहां इनको स्पेन से 4-0 की शिकस्त खानी पड़ी थी. टीम के पास बफॉन के रूप में एक जबरदस्त गोलकीपर है और जॉर्जियो चेलिनी तथा जुवेंटस (फुटबॉल क्लब) के उनके साथी खिलाड़ी मिलकर टीम को एक दमदार बैकलाइन प्रदान करते हैं और टीम की रक्षा पंक्ति को मजबूत बनाते हैं. निस्संदेह पिर्लो इस टीम के सबसे जादुई खिलाड़ी हैं और वह मिडफील्ड में अपना करिश्मा दिखाना जारी रखेंगे. डेनियल डे रोसी और मार्को वेराट्टी के रूप में उनके पास दो बेहतरीन पासर्स भी हैं. फॉरवर्ड लाइन की बात करें तो मारियो बालोटेली आक्रमण की अगुआई करेंगे. हालांकि कई दफा वह अचानक लड़खड़ा जाते हैं लेकिन गोल की उनकी भूख का कोई जवाब नहीं. अगर वे विफल होते हैं तो टीम के पास सीरो इम्मोबाइल के रूप में ऐसा स्ट्राइकर भी है जो बेहद गतिशील है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here