ग्रीस

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विश्व रैंकिंग: 12
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन : 1994 और 2010 में ग्रुप स्टेज

खास बात
दृढ़ता. यह इस टीम की ऐसी ताकत है जिसे कोच सांतोस कतई छेड़ना नहीं चाहते. दो-तीन खिलाडियों के योग से टीम अपने डिफेंडर्स का उपयोग सामने वाली टीम को चकमा देने के लिए कर सकती है. यह एक कठिन रणनीति है लेकिन इसकी आड़ में टीम को अचानक आक्रामक हमला करने में मदद मिलेगी. तनावपूर्ण स्थितियों में यह रणनीति बहुत निर्णायक साबित हो सकती है

6 फुट 2 इंच का यह स्ट्राइकर ही ग्रीस की सबसे बड़ी ताकत है. क्वालीफाइंग दौर में पांच बार गोल मार चुके इस खिलाड़ी को प्रशंसक पिस्टलेरो के नाम से भी जानते हैं. मितरोग्लोउ के पास वह तेजी है जो मजबूत से मजबूत डिफेंस को भी भेद सकती है. इसके अलावा ग्रीस के पास अपने कप्तान जियोर्जोस कैराग्यूनिस का अनुभव भी है.  कैराग्यूनिस के मार्गदर्शन में ही टीम ने 2004 में पुर्तगाल में यूरो कप जीता था. यह जीत ही ग्रीस का आज तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है. दुर्भाग्य से ग्रीस अपनी इस सफलता को कभी भी विश्व कप में नहीं उतार पाया. उनके नीरस, रक्षात्मक खेल और गेंद से कुछ सार्थक करने के बजाय बस उस पर कब्जा बनाए रखने वाली प्रवृति ने कभी खेल के प्रशंसकों को भी रोमांचित नहीं किया. हालांकि सिर्फ रोमांच कभी भी टीम की पारंपरिक ताकत की भरपाई नहीं कर सकता. वर्तमान टीम में मजबूत मिडफील्ड और काबिल स्ट्राइकरों के होने का दावा किया जा रहा है. मितरोग्लोउ और कैराग्यूनिस के अलावा जियोर्जोस समारा की मौजूदगी भी टीम को मजबूती देती है. कोच फर्नांडो सांतोस उनसे यह उम्मीद कर रहे हैं कि उनके बेहतरीन पास से टीम के स्ट्राइकरों को गोल दागने में बहुत मदद मिलेगी. फुटबॉल के मैदान में यदि टीम अच्छा प्रदर्शन करती है तो यह देश के लिए भी बहुत अहम साबित होगा.

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