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राजनीति में नया क्या करेगा स्वराज अभियान?

आम आदमी पार्टी से हटाए जाने के बाद योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और प्रो. आनंद कुमार समेत अन्य लोगों ने पिछले साल 14 अप्रैल, 2015 को स्वराज अभियान नाम का संगठन बनाया था. हाल ही में संगठन के पहले राष्ट्रीय अधिवेशन में राजनीतिक दल बनाए जाने की घोषण की गई.  

राजनीति का नया कलाम, ‘जय भीम – लाल सलाम’

जेएनयू में कथित देशविरोधी नारे को लेकर बवाल हुआ तो छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी से पहले उनके भाषण में ‘जय भीम, लाल सलाम’ का नारा शामिल था. उन्होंने अपने भाषण में कहा, ‘जब हम महिलाओं के हक की बात करते हैं तो ये (संघ-भाजपा के लोग) कहते हैं  

बहादुर बच्चे

हर साल भारत सरकार और भारतीय बाल कल्याण परिषद की ओर से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिए जाते हैं. इसके लिए देशभर से उन बच्चों को चुना जाता है, जो अपने साहस और बहादुरी से दूसरों के लिए नजीर बन जाते हैं. इस साल गणतंत्र दिवस पर देशभर के 25 बच्चों  

आरक्षण की आग

18 फरवरी, 2016; तूफान से पहले की शांति थी उस दिन हरियाणा में. तूफान, जो पूरे राज्य को अपनी चपेट में लेने वाला था. जिसका केंद्र रोहतक था. यातायात पूरी तरह ठप था, शहर के अंदर-बाहर कुछ-कुछ दूरी पर रास्ते बंद थे. लंबे-लंबे जाम लगे हुए थे. बाजार तो खुले  

इस दाल में कुछ काला है

देश से पोलियो की बीमारी तो जड़ से खत्म हो गई है लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार एक ऐसा फैसला करने जा रही है जिससे कोई भी स्वस्थ व्यक्ति लकवे का शिकार हो सकता है. 55 साल पहले 1961 में एक दाल पर प्रतिबंध लगाया गया था जिसका नाम था खेसारी.  

बेघरों से बेमुरव्वत

भोपाल के रेलवे स्टेशन पर हमीदिया रोड की तरफ खुले आसमान के नीचे 18 दिसंबर 2015 की कड़कड़ाती ठंड की रात 50-52 साल की औसत उम्र की लगभग 200 महिलाओं का समूह जद्दोजहद करता नजर आ रहा था. ये सोने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन अजनबी शहर में ये  

क्यों न जाएं मंदिर में महिलाएं?

केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी सदियों पुरानी रोक पर कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए मंदिर के ट्रस्ट से इस पाबंदी को हटा लेने के लिए कहा है. राज्य के दूसरे मंदिरों में भी माहवारी के दौरान  

क्या बाल सुधार गृह को ‘बाल बिगाड़ गृह’ कहना ज्यादा सही है?

रमेश, विनय और सुशील (बदले हुए नाम) देश की राजधानी दिल्ली के दक्षिणपुरी इलाके की एक झुग्गी बस्ती में रहते हैं. दो अगस्त, 2012 की रात ये तीनों दोस्त अपने घर लौट रहे थे कि रास्ते में एक टेंट मालिक से उनका झगड़ा हो गया. एक मोटरसाइकिल के जमीन पर  

आत्महत्या का अनुबंध

‘नरेंद्र मोदी दुर्योधन की तरह व्यवहार क्यों कर रहे हैं?’  इस साल  मार्च में उत्तर प्रदेश के मथुरा के नजदीक स्थित एक गांव के दौरे पर गए सामाजिक कार्यकर्ताओं से वहां के किसानों ने यह प्रतिक्रिया जाहिर की. मार्च में असमय हुई बारिश की वजह से गांव के किसानों की  

पंचायत पर पांचवीं पास का पेंच

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा में पंचायत चुनाव के उम्मीदवारों के लिए शैक्षणिक योग्यता तय किए जाने को सही ठहराते हुए कहा कि शिक्षा ही वह जरिया है जो मनुष्य को सही-गलत और अच्छे-बुरे का फर्क समझने की ताकत प्रदान करता है. शीर्ष अदालत के इस फैसले से अब हरियाणा में