न्याय अन्याय Archives | Tehelka Hindi — Tehelka Hindi
फांसी का समाजशास्त्र

आम कहावत है कि कानून सिर्फ गरीबों के लिए होता है. दिल्ली स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की हालिया रिपोर्ट इस मामूली कहावत की तस्दीक करती है जिसमें कहा गया है कि मौत की सजा पाने वाले तीन चौथाई लोग वंचित, सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े और धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय से आते  

35 साल बाद 50 साल का आरोपी नाबालिग करार

घड़ी में सुबह के साढ़े 10 बजे थे. उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात इलाके के रमाबाई नगर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय के कमरा संख्या चार से एक आवाज गूंजती है, कोशा..! हालांकि इस आवाज का कोई जवाब नहीं मिल पाता. न तो कोशा के वकील, न ही अभियोजन  

सवालों के घेरे में एनकाउंटर

बीते अगस्त की तीन तारीख को रात के लगभग 11 बजे मोहन कुशवाह को एक अंजान नंबर से फोन आता है. रीढ़ की हड्डी में चोट से जूझ रहे मोहन जब तक फोन उठाते तब तक वह कट चुका था. मोहन पिछले 24 घंटे से अपने छोटे बेटे धर्मेंद्र की