नजरिया Archives | Page 4 of 4 | Tehelka Hindi — Tehelka Hindi
हिंदू तालिबान बनाने की तैयारी

हाल के दिनों में जिस तरह की घटनाएं लगातार देखने में आ रही हैं, उससे जाहिर है कि मुसलमानों को लोकतंत्र से बाहर किया जा रहा है. उनको यह बताया जा रहा है कि उन्हें सबके बराबर अधिकार नहीं है. उनके मन में भय पैदा किया जा रहा है कि  

अकादमी पुरस्कार को जो लोग सरकारी मानते हैं, उन्होंने इसे लिया ही क्यों था?

लेखकों के साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने और अकादमी पर चुप रहने का आरोप लगाना गलत है. अकादमी ने जिन लेखकों को पुरस्कृत किया है, वह उनके साथ नहीं है, वह लेखकों पर हो रहे हमलों पर खामोश है, यह एक झूठ है. तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जबकि  

‘केवल कुत्तों और गायों को जीने दीजिए, शायद वही डिजिटल इंडिया के राजसी ठाठ-बाट के अधिकारी हैं’

हमारे पूर्वज वर्तमान युग को कलयुग (बुराई का युग) की संज्ञा देते समय एकदम सही थे. हिंदू पौराणिक मान्यता के अनुसार कलयुग की शुरुआत 5000 हजार वर्ष पहले पांडवों और कौरवों के बीच युद्ध के साथ हुई, जिसकी अवधि 4,32,000 वर्ष है. आज चारों ओर के माहौल को देखते हुए  

गाय नहीं वराह भी अवतार है!

भारत में गोमांस खाने की परंपरा बहुत पुरानी है. वैदिक संहिताओं में जहां यज्ञ की चर्चा की गई है, वहां गाय के बलिदान की चर्चा भी की गई है. बलि देने के साथ गोमांस खाने की चर्चा वैदिक संहिताओं में है. यह परंपरा बहुत समय तक चली. लेकिन उत्तर वैदिक  

हैं या नहीं
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प्रधानमंत्री को लेकर विकट कांव कांव मची है। प्रधानमंत्री हैं, पर पीएमओ में कुछ काम नहीं हो रहा है। मतलब पीएम पीएम हैं या नहीं, इस पर विकट डाऊट मचे हैं। मैंने एक सीनियर जर्नलिस्ट को पकड़ा और उससे इस बारे में दरियाफ्त की।  सर, पीएम लगता है कि पीएम