उश्री बशिष्ठ, Author at Tehelka Hindi — Tehelka Hindi
उश्री बशिष्ठ
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Articles By उश्री बशिष्ठ
तितली उभरते भारत पर टिप्पणी

दिल्ली के पटपड़गंज पश्चिम इलाके में बना ये घर विभिन्न कलाओं का केंद्र कहा जा सकता है. ये घर बहल परिवार का है. बहल परिवार यानी मां नवनिंद्र बहल, पिता ललित बहल और बेटे कनु बहल. नवनिंद्र बहल पंजाबी साहित्य की पढ़ाई के बाद पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी के नाटक  

‘ये हो सकता है तो कुछ भी हो सकता है’

आत्मकथाएं लिखना चुनौती भरा काम होता है. अपने जीवन पर आधारित नाटक लिखने का विचार आपको किस तरह से आया? 12 या 15 साल पहले मैं अपने जीवन के एक बुरे दौर से गुजर रहा था. मेरे निर्देशन में बनी पहली फिल्म ‘ओम जय जगदीश’ का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा.  

‘किसी फिल्म में हीरो-हीरोइन का होना जरूरी नहीं’

‘मसान’  तक की अपनी यात्रा के बारे में बताइए. इसे बनाने का विचार कैसे आया? मसान तक की यात्रा के बारे में जानने से पहले ये जानना जरूरी है कि आखिर मैं फिल्मों में आया कैसे और एक फिल्मकार कैसे बना. बचपन में मैंने दूरदर्शन पर काफी कला फिल्में या