निधीश जे विलाट, Author at Tehelka Hindi — Tehelka Hindi
निधीश जे विलाट
NIDHEESH VILLATT
Articles By NIDHEESH VILLATT
आत्महत्या का अनुबंध

‘नरेंद्र मोदी दुर्योधन की तरह व्यवहार क्यों कर रहे हैं?’  इस साल  मार्च में उत्तर प्रदेश के मथुरा के नजदीक स्थित एक गांव के दौरे पर गए सामाजिक कार्यकर्ताओं से वहां के किसानों ने यह प्रतिक्रिया जाहिर की. मार्च में असमय हुई बारिश की वजह से गांव के किसानों की  

‘जब न्याय मिलेगा तभी भाइयों के शव दफनाएंगे’

कौन: मणिपुर के आदिवासी कब: नवंबर, 2015 से कहां: जंतर मंतर, दिल्ली क्यों जंतर मंतर पर बने एक अस्थायी टेंट के पास खड़े सैम नगैहते चिल्लाते हैं, ‘हमें गरीब आदिवासियों के लिए न्याय चाहिए.’ सैम ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रहे है. उनके साथ मणिपुर से आए कई सामाजिक कार्यकर्ता दिल्ली  

गाय और गोमांस की राजनीति

‘शाकाहार विचार और कार्य की पवित्रता के लिए अपरिहार्य है. यह साधन की पवित्रता का एक प्रकार है. आप जो बोते हैं, वही काटते हैं. बूचड़खानों में ले जाए जाने वाले बेजुबान जानवरों का दर्द हमें सुनना और समझना है.’ नरेंद्र मोदी, तत्कालीन मुख्यमंत्री, गुजरात, 2 अक्टूबर 2003 को महात्मा गांधी  

बर्बर कानून को बेकरार सरकार

गुजरात कंट्रोल ऑफ टेररिज्म एंड ऑर्गनाइज्ड क्राइम बिल को मानवाधिकार के खिलाफ माना जा रहा है  

बेमौसम बारिश बर्बाद किसान

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के कैलेना गांव में किसानों के चेहरे अपनी बर्बाद फसल देखकर मुरझा गए हैं. गांव के सीमांत किसान वीरपाल सिंह ने अपना दर्द जाहिर करते हुए बताया, ‘ऐसा महसूस हो रहा है जैसे मेरे दोनों हाथ और पैर कट गए हैं.’ गांव के कमजोर दिख  

अभिशप्त आदिवासी

बीते तीन दशकों के दौरान विभिन्न सरकारों ने आदिवासियों और दलितों को उनके कल्याण से जुड़े लगभग पांच लाख करोड़ रुपयों से वंचित किया है. बजटीय आवंटन से उन्हें वंचित करने और उनके लिए आवंटित फंड का दूसरे मदों में इस्तेमाल का खुलासा करती एक रिपोर्ट