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Articles By कृष्णकांत 
‘नक्सलवाद की लड़ाई खत्म हुई तो पैसे आने बंद हो जाएंगे, फिर नेता का जेब कैसे भरेगा?’

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म करने की लड़ाई की पहली कीमत जनता चुका रही है. नक्सलियों के साथ पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लंबे संघर्ष के बीच जनता का भी अपना संघर्ष है, जिसे सबसे कम महत्व मिलता है. जो लोग इसे कहने की कोशिश करते हैं, उन पर न सिर्फ  

असंतुलन बढ़ाएगी स्मार्ट सिटी

जिस देश की 26 प्रतिशत यानी 31 करोड़ से ज्यादा की आबादी अनपढ़ हो, जिस देश में सात करोड़ से ज्यादा लोग बेघर हों, जिस देश के शहरों में नौ करोड़ से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ी में रहते हों, जिस देश में सबसे ज्यादा भुखमरी हो और 20 करोड़ लोग रोज भूखे  

एक था चंदू

दुनिया में वामपंथ का सबसे मजबूत किला ढह चुका था. दुनिया तेजी से पूंजीवाद की ओर बढ़ रही थी. उदारीकरण भारत की दहलीज लांघकर अपने को स्थापित कर चुका था. तमाम धुर वामपंथी आवाजें मार्क्सवाद के खात्मे की बात कह रही थीं. उसी दौर की बात है, जब जेएनयू कैंपस  

अपना-अपना राष्ट्रवाद

जिस समय भारतीय संसद में राष्ट्रवाद पर बहस हो रही थी, उसी समय देश के कई हिस्सों में कथित राष्ट्रवादी समूहों की उच्छृंखल कार्रवाइयां भी जारी थीं. कई जगहों पर हिंदूवादी संगठन बुद्धिजीवियों के साथ मारपीट करने और सेमिनार आदि में व्यवधान डालने जैसे कारनामे कर रहे थे. करीब एक  

‘दुनिया में कौन सा देश है जो अभिव्यक्ति के नाम पर अपने खिलाफ कोई बात बर्दाश्त करेगा ?’

देश भर के कई विश्वविद्यालयों में जो टकराव चल रहे हैं, उसमें एबीवीपी एक पक्ष के तौर पर उभरी है. हैदराबाद, जेएनयू, बीएचयू, लखनऊ, इलाहाबाद सब जगह एबीवीपी की शिकायत पर कार्रवाई की गई. सेमिनार और व्याख्यान बाधित करने और प्रोफेसराें-छात्रों पर हमले करने में भी एबीवीपी का नाम आया.  

देशद्रोही जेएनयू बनाम राष्ट्रवादी सरकार

जेएनयू में देशविरोधी नारा लगाने का मसला उसी तरह गड्ड-मड्ड हो गया है जैसे आजकल की देशभक्ति. एक टीवी चैनल और फिर सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दिखाया गया था कि नौ फरवरी को जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाए जा रहे हैं. उसी आधार पर कुछ छात्रों को  

जिंदल को जमीन, जनता पर जुल्म

उत्तराखंड में अल्मोड़ा और रानीखेत के बीच स्थित डीडा द्वारसो ग्रामसभा के नैनीसार गांव के ग्रामीणों को एक दिन पता चलता है कि उनकी जमीन पर डीएस जिंदल समूह एक अंतर्राष्ट्रीय स्कूल बना रहा है. गांव वालों को हैरानी होती है. न कोई अधिग्रहण, न कोई कानूनी प्रक्रिया, न कोई  

सवालों के घेरे में डीजीपी की नियुक्ति

नए साल की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दरकिनार करके एस जावीद अहमद को राज्य का पुलिस महानिदेशक बनाया तो यह तय हो गया कि पुलिस सुधारों की बातें अभी दूर की कौड़ी है. जावीद अहमद 1984 बैच के अधिकारी हैं जो  

महबूबा अगर विधायक दल की नेता बनती हैं तो भाजपा समर्थन करेगी : राम माधव

मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार के फिर से गठन को लेकर लग रही तमाम अटकलों के बीच भाजपा ने कहा है कि पिछले 8-9 महीने से जिस व्यवस्था के तहत सरकार चल रही थी, भाजपा उसी के साथ आगे बढ़ना चाहेगी. यानी अगर पीडीपी महबूबा  

अगर मैं नक्सली हूं तो मुझे जेल में डालना चाहिए या फिर मेरा निष्कासन होना चाहिए?

खबरों के मुताबिक, उन्होंने निर्भया कांड पर बनी ​डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘इंडियाज डॉटर’ के विश्वविद्यालय में प्रदर्शन को लेकर मुहिम चलाई थी. वे लगातार धरना-प्रदर्शनों और सामाजिक गतिविधियों में शामिल रहते थे. इसे लेकर कुछ छात्रों ने प्रबंधन से उनकी शिकायत की थी और उन पर नक्सली गतिविधियों को बढ़ावा देने