कृष्णकांत, Author at Tehelka Hindi | Page 2 of 4 — Tehelka Hindi
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Articles By कृष्णकांत 
‘दुर्भाग्य से हमारे पास इतनी पावर नहीं है कि हम किसी की गिरफ्तारी की सिफारिश कर सकें या किसी को नोटिस भेजकर यहां आने पर मजबूर कर सकें’

सोशल मीडिया पर प्रतिष्ठित महिलाओं के साथ गाली-गलौज की जाती है, मारने या बलात्कार करने की धमकियां दी जाती हैं. क्या महिला आयोग इस पर संज्ञान लेकर कोई कार्रवाई कर रहा है? यह महिलाओं की गरिमा का अपमान है. कार्रवाई तो हम कुछ नहीं कर सकते. स्वत: संज्ञान भी हम  

फांसी का समाजशास्त्र

आम कहावत है कि कानून सिर्फ गरीबों के लिए होता है. दिल्ली स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की हालिया रिपोर्ट इस मामूली कहावत की तस्दीक करती है जिसमें कहा गया है कि मौत की सजा पाने वाले तीन चौथाई लोग वंचित, सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े और धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय से आते  

सोशल मीडिया : यौन उत्पीड़न का नया अड्डा

सोशल मीडिया पर अक्सर किसी महिला पत्रकार या नेता को विरोधस्वरूप हजारों की संख्या में गालियां दी जाती हैं. बरखा दत्त, सागरिका घोष, राना अयूब, कविता कृष्णन, अलका लांबा, स्मृति ईरानी, अंगूरलता डेका, यशोदा बेन आदि महिलाएं इस अभद्रता की भुक्तभोगी हैं. जो लोग किसी की बात-विचार या व्यक्तित्व को  

#गुंडागर्दी ऑनलाइन

जिस वक्त हम यह योजना बना रहे थे कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों के बारे में जनता को बताया जाए, तभी सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ गई कि अभिनेता दिलीप कुमार की मौत हो गई है. कुछ देर बाद पता चला कि वे लीलावती अस्पताल में सकुशल हैं  

सरकार को चाहिए कि आहत भावनाओं का एक आयोग बनाए- नाकोहस यानी नेशनल कमीशन फॉर हर्ट सेंटिमेंट्स! : पुरुषोत्तम अग्रवाल

आपके उपन्यास नाकोहस (नेशनल कमीशन फॉर हर्ट सेंटिमेंट्स) की खूब चर्चा हुई. मौजूदा परिवेश में बात कहते ही आहत होती भावनाओं से व्याप्त डर और अराजक माहौल के चलते उपन्यास शायद ज्यादा प्रासंगिक हो गया है. आपका क्या अनुभव रहा? यह सही है कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य के चलते उपन्यास  

दो साल की मोदी सरकार, अच्छे दिनों का इंतजार

तीस साल बाद केंद्र में प्रचंड बहुमत से आई मोदी सरकार अपने दो साल पूरे कर रही है. निजी तौर पर नरेंद्र मोदी ने सत्ता की दौड़ में अपने प्रतिद्वंद्वी गठबंधन यूपीए (यूनाइटेड प्रोग्रेसिव एलायंस) को काफी पीछे छोड़ते हुए एनडीए (नेशनल डेेमोक्रेटिक एलायंस) को जबरदस्त बढ़त दिलाई और प्रधानमंत्री  

असु​रक्षित पत्रकार, राष्ट्रपति से गुहार

कौन छत्तीसगढ़ के पत्रकार कब 10 मई, 2016 कहां जंतर मंतर, दिल्ली क्यों छत्तीसगढ़ में चार पत्रकारों को जेल, कई पत्रकारों पर मुकदमा और कई को खबर लिखने पर मिलने वाली धमकियों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं. नक्सलियों और सरकार की दोहरी मार झेल रहे पत्रकार 10 मई को  

मुठभेड़ चाल

सीबीआई कोर्ट ने 25 साल पहले पीलीभीत में हुए 10 सिखों के फर्जी एनकाउंटर में 47 पुलिसकर्मियों को दोषी पाया है. फर्जी एनकाउंटर तो हमारे देश में आम बात है, लेकिन बहुत कम मामले ऐसे हैं जिनमें फर्जी एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों या सैन्यकर्मियों को सजा हुई हो. हो सकता  

राजनीति का नया कलाम, ‘जय भीम – लाल सलाम’

जेएनयू में कथित देशविरोधी नारे को लेकर बवाल हुआ तो छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी से पहले उनके भाषण में ‘जय भीम, लाल सलाम’ का नारा शामिल था. उन्होंने अपने भाषण में कहा, ‘जब हम महिलाओं के हक की बात करते हैं तो ये (संघ-भाजपा के लोग) कहते हैं  

भगत के सियासी भगत

‘मां, मुझे कोई शंका नहीं है कि मेरा मुल्क एक दिन आजाद हो जाएगा, पर मुझे डर है कि गोरे साहब जिन कुर्सियों को छोड़कर जाएंगे, उन पर भूरे साहबों का कब्जा हो जाएगा.’ आजादी के तमाम नायकों में से एक शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह ने अपनी मां को लिखी